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आई खुशियों की दिवाली
गायत्री शर्मा
diwali rangoli
WD
घर-घर सजी रंगोली,
सजी गलियाँ दुल्हन सी,
रोशनी में नहाया संसार।
सजा है आज घर-आँगन,
प्रीत की बहे बयार।

लक्ष्मी का होगा आगमन,
अब खोल दो घर के द्वार।
पटाखों की चमक लाएगी,
नन्हे होठों पर हँसी,
होगा हर दिल में उल्लास।

अंधकार हो जाएगा गुम
जीवन में फैलेगा
खुशियों का प्रकाश।
गाएँगे गीत खुशी के हम,
लक्ष्मी की कृपा के बनेंगे सब पात्र।

क्यों न मनाएँ खुशियों की दिवाली
हर आँखों में लाए जो चमक।
अमीर हो या गरीब
भर दे सबका आँचल,
सुख-समृद्धि के आशीष से।

आई खुशियों की दिवाली,
हर घर लाई खुशहाली।
सब हँसें, सब गाएँ,
अपनों में प्यार बाँटे
और प्यार पाएँ।
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