तिजोरी पूजन तिजोरी अथवा कीमती आभूषण व नकद द्रव्य रखे जाने वाली पेटी (संदूक) पर स्वस्तिक चिन्ह बनाकर शुभ-लाभ लिखें एवं धनपति कुबेर को प्रणाम कर पुष्प, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन कर प्रार्थना करें-
'हे धन प्रदान करने वाले कुबेर! आपको नमस्कार है, निधि के अधिपति भगवान कुबेर! आपकी कृपा से मुझे धन-धान्य, संपत्ति प्राप्त हो।' तुला पूजन सिंदूर से तराजू पर स्वस्तिक बनाएँ, नाड़ा लपेटें एवं निम्न मंत्र बोलें :-
'तुला-अधिष्ठात्र देवता आपको नमस्कार है' यह बोलकर गंध, धूप, दीप, नैवेद्य से पूजन करें एवं प्रार्थना करें-
'शक्ति एवं सत्य के देवता आपकी प्रसन्नता से हमें धन-धान्य संपत्ति की प्राप्ति हो।'
दीपमाला (दीपावली) पूजन एक थाली में स्वस्तिक बनाकर उस पर ग्यारह या इक्कीस दीपक प्रज्वलित कर महालक्ष्मी के सम्मुख रखें एवं निम्न मंत्र से गंध, अक्षत, धूप से पूजन करें- 'ॐ दीपावल्यै नमः' इसके पश्चात गन्ना, सीताफल, साल की धानी, पतासे एवं ऋतुफल, दीपक के सम्मुख रखें, साथ ही श्री गणेश, महालक्ष्मी एवं अन्य देवताओं को भी अर्पित करें।
इसके पश्चात पूजित दीपकों को दुकान, घर के विभिन्न हिस्सों में सजाएँ।
महाआरती कपूर एवं घी का दीपक जलाकर महालक्ष्मी की आरती करके शीतलीकरण हेतु जल छोड़ें।
(स्वयं व परिवार के सदस्य आरती लेकर हाथ धो लें।) |