विजय सिद्धि गणपतिः मुकदमे में विजय, शत्रु का नाश करने, पड़ोसी को शांत करने के उद्देश्य से लोग अपने घरों में विजय स्थिराय नमः जैसे मंत्र वाले बाबा गणपति की प्रतिमा के इस स्वरूप को स्थापित करते हैं।
ऋण मोचन गणपतिः कोई पुराना ऋण, जिसे चुकता करने की स्थिति में न हों, घर-परिवार में दरिद्रता, ऋण का तांडव हो, ऐसे व्यक्तियों को ऋण मोचन गणपति, ऋणत्रय विमोचनाय नमः जैसे मंत्र से उत्कीर्ण कराकर घर में लगाना चाहिए तथा उसकी नियमित रूप से विधि-विधानपूर्वक पूजा करनी चाहिए।
रोगनाशक गणपतिः कोई पुराना रोग हो, जो दवा से ठीक न होता है, उन घरों में लोग रोग नाशक गणपति की आराधना प्रायः इस मंत्र से करते हैं- मृत्युंजयाय नमः।
नेतृत्व शक्ति विकासक गणपतिः राजनीतिक परिवारों में उच्च पद प्रतिष्ठा हेतु लोग गणपति के इस स्वरूप की आराधना प्रायः इन मंत्रों से करते हैं। गणध्याक्षाय नमः, गणनायकाय नमः, प्रथम पूजिताय नमः।
शत्रुहंता गणपतिः शत्रुओं का नाश करने के लिए शत्रुहंता गणपति की आराधना करनी चाहिए। मूर्तिकार प्रतिमा बनाते समय मूर्ति को क्रोध मुद्रा में दिखाते हैं। कहते हैं कि जो व्यक्ति शत्रुहंता गणपति की प्रतिमा को घर में स्थापित करके इन मंत्रों का जाप करता है- ऊँ गं गणपतये शत्रुहंता नमः, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। शत्रु परास्त होते हैं अथवा मैदान छोड़कर भाग चुके होते हैं या युद्ध में मारे जाते हैं।