आज के युग में वैसे तो अधिकांश व्यक्ति यह ध्यान रखते हैं कि उनके मकान की दिशा बिल्कुल अनुरूप हो। लोग वास्तु के नियमों को ध्यान में रखकर अपना भवन बनवाते हैं, किंतु प्रत्येक दिशा प्रत्येक व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं रहती। इसके अलावा यह भी सच है कि जो व्यक्ति स्वयं का घर नहीं बना पाते, उन्हें किराए के मकान को ज्यों का त्यों स्वीकारना पड़ता है। ऐसी स्थिति में घरवाले परेशान हो जाते हैं, क्या करना है यह समझना मुश्किल हो जाता है।
घर में बिना तोड़फोड़ किए ही फेंगशुई साधनों का उपयोग कर घर को अपने अनुरूप बनाया जा सकता है। इन साधनों का उपयोग कर फेंगशुई की सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में वृद्धि की जा सकती है। इससे आपकी आर्थिक समस्या, वैवाहिक समस्या, बच्चों का स्वास्थ्य बार-बार खराब होना, घर में समृद्धि, बिना बात के लड़ाई-झगड़े, पड़ोसी से सामंजस्य न बैठा पाना और भी तमाम बातों से छुटकारा पाया जा सकता है।
आइए देखें- मछलियाँ, दर्पण, क्रिस्टल, घंटी, बाँसुरी, कछुआ, हँसोड़ बुद्ध, सिक्के, जीवन यान। ये वो मूलभूत निवारक हैं जो आपकी समस्या दूर कर आपके जीवन को सुखी करेंगे।
* मछली जल की प्रतीक होती है और फेंगशुई में जल एक प्रमुख तत्व है। यह धन का प्रतीक है। जल की उपस्थिति घर या कार्यालय में माँगलिक ऊर्जा की सूचक है, जिसका फल सौभाग्यवर्द्धक होता है।
* उचित स्थान पर रखा गया जलकुंड दुर्घटना को टालता है। उसमें विषम संख्या जैसे 3, 5, 7, 9 में सुनहरी मछलियाँ रखी जाएँ तो वह सबसे अधिक प्रभावशील माना जाता है। यह ध्यान रखें कि जल स्वच्छ व मछलियाँ स्वस्थ हों। अगर किसी मछली की मृत्यु हो जाए तो इस बात का सूचक होती है कि कोई बहुत बड़ी दुर्घटना टल गई। उसके स्थान पर एक स्वस्थ मछली रख देनी चाहिए।
* मछली परीक्षा में सफलता, नौकरी में पदोन्नति एवं उपलब्धि की प्रतीक मानी जाती है।
* फेंगशुई की मान्यता के अनुसार 'हँसोड़ बुद्ध' घर में रखने से यह पारिवारिक सदस्यों को प्रसन्नता और हँसी प्रदान करते हैं उनकी हँसी हमें यह संदेश देती है दुःखी मत हो, प्रसन्न रहो।
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