टाटा की नगरी जमशेदपुर से आई सबसे पहले मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड बनने वाली प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1988 को तुला लग्न में हुआ। तुला लग्न में जन्म होने से आप सुंदर होने के साथ-साथ इकहरे शरीर वाली है। वृषभ राशि होने से आपकी लंबाई उत्तम है, वहीं स्वभाव भी मस्त है।
कर्मेश चंद्नमा उच्च का होकर अष्टम भाव में होने से धीरे-धीरे कर्म करते हुए सफलता तक पहुँचना ही कर्मेश का अष्टम में होना कारण बनता है। आपकी सफल सर्वप्रथम फिल्म अंदाज रही फिर आपने कई फिल्में हिट दीं, जिसमें एतराज, ब्लफ मास्टर, मुझसे शादी करोगी, वक्त आदि शामिल हैं। आपको कालसर्प योग भी है।
केतु उच्च का पराक्रम में है, जो पराक्रम द्वारा सफलता का कारण बनता है। फिर भी नंबर वन की अभिनेत्रियों में आपकी गिनती अभी भी दूर है। आयेश कर्म में सूर्य का सम राशि में होना कर्मानुसार आय दिलाता रहता है। आप फिल्मों में अपनी खूबसूरती व मिस वर्ल्ड के कारण आईं। | | टाटा की नगरी जमशेदपुर से आई सबसे पहले मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड बनने वाली प्रियंका चोपड़ा का जन्म 18 जुलाई 1988 को तुला लग्न में हुआ। तुला लग्न में जन्म होने से आप सुंदर होने के साथ-साथ इकहरे शरीर वाली है। |
| |
लग्नेश व अष्टमेश शुक्र नवम भाव में भाग्येश बुध व उच्च के राहु के साथ होने से स्वयं को भाग्य का सहारा खूब मिला। यही कारण है कि आप फिल्मी दुनिया में सुष्मिता सेन से अधिक सफल रहीं। गोचर ग्रहों से देखा जाए तो शनि का भ्रमण सिंह राशि से चल रहा है, जो एकादश से तृतीय दृष्टि लग्न पर उच्च डाल रहा है। वहीं पंचम मनोरंजन भाव की स्वदृष्टि पड़ रही है व मित्र दृष्टि अष्टम भाव पर।
शनि जैसे ही कन्या राशि में आएगा प्रियंका चोपड़ा को नुकसानप्रद बनेगा। जन्म लग्न में शनि कन्या पर होकर मंगल के साथ है। मेरा अनुभव रहा है कि शनि-मंगल की युति वाला जातक 40 वर्ष की उम्र के बाद से ठीक नहीं रहता।
मंगल सप्तमेश होने से दाम्पत्य जीवन को भी नष्ट करता है। अत: आपको शनि-मंगल का दोष किसी जानकार से पूछकर निवारण करवाना चाहिए, नहीं तो यह योग जीवन में विस्फोट का कारण बनेगा।
|