- सुरेंद्र बिल्लौरे
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी के पुत्र राहुल गाँधी का जन्म दिल्ली में जिस समय हुआ उस समय मिथुन राशि पर सूर्य विराजमान थे। सूर्य पिता का कारक ग्रह होता है। राहुल गाँधी की कुंडली के अनुसार सूर्य से नवम भाव में राहु विराजमान था। चूँकि राहु पाप ग्रह माना जाता है इसलिए कुंडली के अनुसार यह पिता के सुख से जातक को वंचित करता है या पिता का पूर्ण सुख नहीं मिल पाता। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का 1991 में आकस्मिक निधन राहुल को पिता का पूर्ण सुख नहीं मिलना प्रमाणित करता है।
इसी सूर्य के प्रभाव से राहुल गाँधी को मन:शांति कभी प्राप्त नहीं हुई। चंद्रमा के प्रभाव से साहसी और युवावस्था में भाग्योदय होता है। जन्म के समय मिथुन राशि का मंगल जिस स्थान पर विराजमान है, उससे भी पता के सुख पर प्रभाव पड़ा। इससे ही स्वयं को भी अपने पुत्र संबंधित दु:खी होने का योग बनता है। अत: हमारे मतानुसार श्री गाँधी को भूमिपुत्र मंगल की आराधना और मंगल दान करना चाहिए। नेहरूजी के वंशज होने व उनकी लोकप्रियता की वजह से राहुल को अच्छा प्रतिसाद मिलेगा।
उधर राहुल का स्पष्टवादी और मित्रों, सहयोगियों के प्रति कटुभाषी होना, अपनी पार्टी के प्रति स्पष्टता दर्शाना शनि का प्रभाव है। इसके साथ ही वर्तमान समय में उनकी राशि पर सूर्य की महादशा चल रही है, जिसकी समय अवधि 1 जनवरी 2005 से 1 जनवरी 2011 तक रहेगी। 10 जनवरी 2005 से 28 सितंबर 2008 तक सूर्य की महादशा में शनि की अंतर्दशा रहेगी। इसके प्रभाव से राहुल को 1 मई से 13 अगस्त तक जनसंपर्क से लोकप्रियता में वृद्धि मिलेगी और सहयोग का विश्वास भी वे हासिल करेंगे। | | कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी के पुत्र राहुल गाँधी का जन्म दिल्ली में जिस समय हुआ उस समय मिथुन राशि पर सूर्य विराजमान थे। सूर्य पिता का कारक ग्रह होता है। राहुल गाँधी की कुंडली के अनुसार सूर्य से नवम भाव में राहु विराजमान था। |
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इसी बीच मित्रों की गतिविधियों से मानसिक तनाव बढ़ सकता है। सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार के विवाद में उलझना हितकारी नहीं रहेगा। अत: इनसे बचें। 14 अगस्त से 29 सितंबर तक अपने प्रभाव से कार्य में सफलता मिलेगी, किंतु सावधान रहने की आवश्यकता है। विरोधी पक्ष नई समस्या खड़ी कर सकता है। स्वयं सहयोगी वर्ग ही आपके साथ विश्वासघात कर सकता है। परंतु पार्टी स्तर पर सफलता मिलने पर आपके उच्च पद के योग बनते हैं।
फिलहाल सितंबर से मध्य नवंबर तक पार्टी विवाद उग्रता धारण कर सकता है। अत: इस पर पूर्ण विचार करके आगे कार्य आरंभ करें। नवंबर से जनवरी तक विशेष कार्य निपटाने में सफलता मिलेगी। शुभ कार्य होने से मन में हर्ष होगा। जनवरी-फरवरी विरोध व संघर्ष में व्यतीत होंगे।
फरावरी अंत से वर्ष अंत (अर्थात संवत 2065 का अंत) तक का समय सफलतादायक रहेगा। विरोधी भी आपसे सहमति दर्शाएँगे। उनके द्वारा समझौते के प्रयास भी हो सकते हैं। राहुल गाँधी को अच्छा प्रतिफल प्राप्त करने के लिए पुखराज, अमेरिकन डायमंड और मोती का लॉकेट धारण करना चाहिए और भगवान रुद्र के साथ मंगल की आराधना करना चाहिए।
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