दायें हाथ के ऑफ ब्रेक स्पिनर और भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते व विवादों से हाल ही में बरी हुए हरभजनसिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 को पंजाब के जालंधर शहर में वृश्चिक लग्न मीन नवांश व कुंभ राशि में हुआ।
आपका जन्म पूर्वा भाद्रपद के द्वितीय चरण में हुआ, जो गुरु का नक्षत्र है। आप वृश्चिक लग्न वाले होने से स्पष्ट वक्ता होकर मुँहफट हैं। इस वर्ष आपके खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था लेकिन विरोध काफी होने से जाँच में आपको बरी करना पड़ा और खेलने पर लगी पाबंदी हटा दी गई। आपकी पत्रिका में मंगल लग्न से एकादश भाव में कन्या राशि का है। पंचम भाव मनोरंजन का व द्वितीय भाव वाणी का है। यही वजह है कि आप खेल-खेल में अपनी वाणी की वजह से विवादों में रहे।
लग्नेश मंगल नवांश में उच्च का है। अत: आप सबसे कम उम्र के खिलाडि़यों में से है जो मात्र 18 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट जगत में पदार्पण किया जहाँ लग्न स्थिर है वहीं मंगल द्विस्वभाव राशि कन्या में है। आपमें हिम्मत-साहस की कोई कमी नहीं है। आप एक अच्छे ऑफ ब्रेक स्पिनर हैं। चतुर्थ भाव जनता का है। जनता के बीच प्रसिद्धि का कारण शनि की सप्तम दृष्टि स्वदृष्टि पड़ने से है वहीं आपकी राशि भी कुंभ है जो स्थिर राशि है। | | दायें हाथ के ऑफ ब्रेक स्पिनर और भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते व विवादों से हाल ही में बरी हुए हरभजनसिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 को पंजाब के जालंधर शहर में वृश्चिक लग्न मीन नवांश व कुंभ राशि में हुआ। |
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आप 18 वर्ष की आयु में टेस्ट मैचों में शनि की महादशा में शुक्र के अन्तर में आए जो शुक्र स्वराशि वृषभ का होकर सप्तम में पंच महापुरुष योग में से एक मालव्य बना रहा है। शनि ने कई बार आपको विरोध का सामना करवाया। दशम स्थान राज्य, व्यापार, नौकरी का होता है। आपका रोजगार खेल ही है। मन्त्रेश्वर महाराज के अनुसार चंद्र लग्न से शुक्र यदि केंद्र में हो तो साम्राज्य के समान सुख व समृद्धि देने वाला होता है, जो इस कुंडली में देखा जा सकता है।
यहाँ पर दूसरा राज योग चंद्र से गुरु केंद्र में हो तो गजकेसरी योग बन रहा है। गजकेसरी योग वाला जातक यशस्वी, तेजस्वी, तीव्र बुद्धिवाला सुवक्ता होता है। गुरु दशम में सिंह राशि का है जो अमला योग भी बना रहा है। गुरु षष्ठ भाव को नवम दृष्टि से देखने के कारण कुलदीपक योग भी बनता है।
सूर्य दशमेश होकर अष्टम में होने से अनिष्ट स्थान में होने से पिता सुख से वंचित कर दिया तथा आपको इंडियन एयर लाइंस की नौकरी से हाथ धोना पड़ा। आपकी पत्रिका में सूर्य से द्वितीय स्थान में बुध हो तो शुभवेति योग बनता है। इस योग में जन्मा जातक सुंदर, सुखी, गुणनिधि, धीर, धार्मिक व अधिकारयुक्त होता है। नवांश कुंडली में गुरु मंगल उच्च के हैं तो बुध वर्गोत्म है।
मंगल, बुध, गुरु व शुक्र का बली होना उतना आवश्यक है जितना कि लग्नेश तृतीयेश (पराक्रम) पंचम, दशम व आय भाव एकादश भाव का भी बलवान होना आवश्यक है। खेल जगत में श्रेष्ठता, विजय प्रसिद्धि पाने के लिए तृतीय भाव पंचम मनोरंजन व दशम व्यवसाय का संबंध भी बनना आवश्यक होता है।
जो इस कुंडली में दशम भाव में पंचमेश दशम में व तृतीयेश भी साथ है। हरभजन सिंह 18 वर्ष की आयु यानी इतनी कम उम्र में टेस्ट मैच खेलने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं। शनि की महादशा में गुरु का वर्तमान में अंतर चल रहा है। अत: अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। आपकी सफलता में पुखराज व मूँगा सहायक होगा।
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