लोकप्रिय फिल्म अभिनेता अनिल कपूर की पुत्री सोनम कपूर का जन्म 9 जून 1985 को मुंबई में कुंभ चंद्र लग्न में हुआ। आपकी कुंभ राशि है। इस राशि की कन्या सुंदर, इकहरे शरीर वाली, आकर्षक व्यक्तित्व की धनी होती है। यह स्थिर राशि है। चंद्र राशि व उसका स्वामी यदि शुभ हो तो उसे स्थायित्व मिलता है। आपकी राशि का स्वामी शनि उच्च तुला राशि में है।
अनेक िफल्मी अभिनेताओं की बेटियाँ फिल्मों में आईं, परंतु ये जरूरी नहीं कि वे िजतने सफल कलाकार थे उनकी संतान भी उतनी ही सफल हो लेकिन यहाँ अनिल कपूर जितने सफल कलाकार हैं उतनी ही उनकी बेटी भी सफलता की सीढ़ी चढ़ेगी। क्योंकि आपकी राशि में स्वामी शनि उच्च का है। सोनम की पहली फिल्म साँवरिया आ रही है जिसके निर्माता- निर्देशक संजय लीला भंसाली हैं। यहाँ पर दिलचस्प बात यह है कि तीनों कुंभ राशि से होकर एक ही स्वामी शनि के प्रभाव में है।
संजय लीला भंसाली एक ऐसे निर्देशक हैं जिन्होंने अनेक अभिनेता-अभिनेत्रियों को टॉप पर लाकर खड़ा कर दिया। आप ऐसे निर्माता-निर्देशक हैं जो फिल्मों में भव्यता प्रदान करते हैं। आपने सफलतम फिल्म हम दिल दे चुके सनम, देवदास जैसी कई प्रसिद्ध व भव्य फिल्मों का निर्माण किया व कई अवार्ड भी प्राप्त हुए। | अनिल कपूर जितने सफल कलाकार हैं उतनी ही उनकी बेटी भी सफलता की सीढ़ी चढ़ेगी। क्योंकि आपकी राशि में स्वामी शनि उच्च का है। सोनम की पहली फिल्म साँवरिया है जिसके निर्माता- निर्देशक संजय लीला भंसाली हैं। |
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दर्शक अनिल कपूर की इस लाड़ली बेटी सोनम कपूर को साँवरिया में प्रसिद्ध अभिनेता ऋषिकपूर और नीतू कपूर के पुत्र रणबीर कपूर के साथ देखेंगे। आपको बचपन से ही फिल्मी माहौल मिला। आपके पिता सफल अभिनेता रहे। यही कारण है कि आपको फिल्म में सफल निर्देशक के साथ सर्वप्रथम फिल्म में आने का मौका मिला। आइए जानें सोनम के ग्रह क्या कहते हैं। आपकी राशि कुंभ का स्वामी उच्च का होकर केतु के साथ है जो आपको ऊँचाइयाँ प्रदान करने में सक्षम है। कला जगत के लिए शुक्र का बड़ा महत्व है जो मेष राशि का होकर राशि स्वामी से दृष्टि है।
शुक्र की राशि में होने से आपको फायदा अवश्य मिलेगा। वैसे मन का कारक चंद्रमा राहू शुक्र के प्रभाव से युक्त है। आपको अच्छी सफलता हेतु नीलम व हीरा पहनना श्रेष्ठ रहेगा। आपके िलए नीला रंग, चमकीले कपड़े अधिक शुभ रहेंगे। पहली फिल्म से आपकी पहचान श्रेष्ठ कलाकारों में होगी।
आपकी पत्रिका में गुरु नीच का है जो विवेक व समझदारी के साथ पृथक्करण की क्षमता भी देता है। अत: आपको अहं से दूर रहना होगा। वैसे मंगल कि उच्च दृष्टि अष्टम पर पड़ रही है। जो राशि से द्वादश है। अत: आपको बाहर का सहयोग भी उत्तम मिलेगा। पंचम भाव का स्वामी बुध जनता, भूमि-भवन भाव में राशि से होकर बैठा है जो जनता के बीच कला जगत में प्रसििद्ध का कारण बन सकता है।
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