अमिताभ बच्चन को पिछले समय तरह-तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कभी जमीन के मामले में तो कभी भेजी गई मिठाई वापसी के मामलों में। अभिषेक भी पत्रकार की पिटाई के कारण मीडिया से नजर अंदाज किए गए, ऐश के लिए शनि का सिंह, सिंह से भ्रमण आगामी ढ़ाई वर्षों के लिए ठीक नहीं। अमिताभ बच्चन के लिए शनि गोचरीय भ्रमण ढाई वर्षों के लिए परेशानियों से राहत भरा रहेगा लेकिन उन्हें राजनीति व राजनीतिज्ञों से बचकर चलना होगा वही अभिषेक के लिए गुरु का गोचरीय भ्रमण वृश्चिक व धनु से लाभकारी रहेगा।
अभिताभ बच्चन की राशि तुला है। गोचरीय ग्रहों का राशि से भ्रमण कहाँ हो रहा है व किस पर दृष्टि पड़ रही है। जन्म के समय वो ग्रह कहाँ थे। इसका परिणाम प्रत्येक जातक को भुगतना पड़ता है। यदि शुभ दृष्टि पड़े तो शुभ, अशुभ दृष्टि पड़े तो अशुभ परिणाम मिलते है। सर्वाधिक ढ़ाई वर्षों के लिए शनि का भ्रमण राशि से एकादश भाव से भ्रमण कर रहा है जिसकी राशि पर उच्च दृष्टि पड़ रही है जो उन्हें प्रभावशाली बनाएँगी वही आयु भाव पर मित्र दृष्टि उनके स्वास्थ्य को ठीक बनाए रखेगी।
शनि राशि से उनकी चंद्रकुंडली में अष्टम भाव पर ही है। अत: इन ढ़ाई वर्षों में आयु को कोई खतरा नहीं होना चाहिए। आर्थिक मामलों में देखा जाए तो उन्हें धन से संबंधित सावधानी बरतना होगी। शुक्र उनकी पत्रिका में राशि स्वामी नीच का है वैसे उन्होंने धन के मामलों में काफी उतार-चढ़ाव देखना पड़े है। गुरू का वृश्चिक राशि से व धनु से भ्रमण 2008 तक उन्नतिदायक भी रहेगा। मनोरंजन के मामलों में देखा जाए तो उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। संतान आदि के मामलों में चिंता का कारण भी बन सकता है। उन्हें नीलम के साथ हीरा पहनना अति शुभ फलदाई रहेगा।
अभिषेक की चंद्र राशि मीन है। चंद्र राशि में ही गुरु विराजमान है जो जल तत्व प्रधान राशि में जल तत्व प्रधान चंद्रमा के साथ है। आप शालीन होने के साथ-साथ भावुक प्रवृत्ति के भी है लेकिन ऐश का गुरु नीच का है वही राहू भी नीच का होकर मन के कारक चंद्रमा के साथ है। अत्: आपको ऐश से नुकसान या वॉकयुद्ध का सामना भी करना पड़ सकता है वैसे ऐश की राशि धनु है जो अग्नि तत्व प्रधान है।
अत: वो आप पर भारी पड़ेगी। आपके लिए बाहरी संबंधों में दरार पड़ेगी जो हानि का कारण बन सकती है। वैसे आयु उत्तम है। गोचर से शनि की जन्म लग्न में वृषभ के मंगल पर दशम दृष्टि भी कुछ ठीक नहीं है। अत: फिल्मी दुनिया के मामलों में देखा जाए तो ढ़ाई वर्ष कुछ ठीक नहीं रहेंगे। गुरु का गोचरीय भ्रमण वृश्चिक-धनु से 2008 तक के लिए ठीक रहेगा। कुछ परेशानियाँ हो तो कम होंगी। गुरु का गोचरीय भ्रमण निश्चित ही 2008 में संतान देना वाला रहेगा।
ऐश के लिए आगामी ढ़ाई वर्ष शनि का गोचरीय भ्रमण राशि से नवम् भाग्य भाव से भ्रमण करेगा जो सूर्य की राशि सिंह में होकर प्रथम कारण का कारक केतु के साथ भी है। भाग्य बल में कुछ कमी रहेगी।
शनि की सूर्य पर दृष्टि गोचरीय से जन्म राशि पर बैठे सूर्य पर पड़ेगी। अत: आपको काफी सावधानीपूर्वक चलना होगा। विशेष संतान पक्ष के मामलों में। प्रेगनेट पीरियड में सावधानी रखें। बाकि गुरु का गोचरीय भ्रमण वृश्चिक, धनु से 2008 तक आपके लिए खुशियों वाला रहेगा। मनोरंजन की दृष्टि से देखा जाए तो मिले-जुले परिणाम रहेंगे।
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