दीपावली पर इस बार शाम 6 से 8 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त है। रात्रि 10 बजे के बाद मंत्र जाप का मुहूर्त शुरू होगा।
स्वच्छ आसन पर बैठकर सामने महालक्ष्मी की प्रतिमा रखें। तुलसी, चंदन, स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से जाप आरंभ करें। आसन अगर लाल हो तो अति उत्तम होगा। सभी राशियों वाले कम से कम एक माला लक्ष्मीजी के मूल बीज मंत्र- 'ॐ श्रीं श्रीयै नम:' पढ़कर जाप जरूर करना चाहिए।
राशियों के अनुसार मंत्र जाप और भविष्यफल इस प्रकार है-
मेष- इस राशि के इष्टदेव विष्णुजी हैं। अत: इन्हें ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना चाहिए। लाभ- मानसिक शांति मिलेगी। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।
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वृषभ- इस राशि के इष्टदेव भगवान शिव माने गए हैं। अत: वृषभ राशि वालों को शिव चालीसा का सात बार पाठ करना चाहिए। लाभ- इससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। मानसिक शांति एवं अविवाहितों के रिश्ते तय होंगे।
मिथुन- इस राशि वालों की इष्टदेवी माँ दुर्गा हैं। अत: इन्हें ॐ एँ ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चै नम: मंत्र की कम से कम 10 माला जपनी चाहिए। लाभ- नौकरी में परेशानी का निवारण होगा। संपत्ति में वृद्धि होगी।
कर्क- इस राशि वालों को दिन में दीपावली के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। रात्रि में ॐ हं हनुमंताय नम: की 8 माला जपनी चाहिए। लाभ- मित्रों से लाभ। मानसिक स्थिरता और किसी पुरस्कार की प्राप्ति होगी।
सिंह- इस राशि वालों को 10 बजे की लक्ष्मी पूजा के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना फलदायी होगा। जो लोग यह पाठ न कर सकें, वे 3 माला ॐ नमो भगवते वासुदेवाय की अवश्य करें। लाभ- खर्चों में कमी आएगी। बिगड़े काम बनेंगे। मांगलिक अवसर आएँगे।