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नवग्रह
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अशुभ सूर्य किसी की जन्म पत्रिका में हो तो उन्हें क्या करना चाहिए जिससे अशुभ सूर्य का प्रभाव नष्ट होकर शुभफल की प्राप्ति हो। अशुभ सूर्य जन्म कुण्डली में होने से उस जातक का विवाह देरी से होता है।

चेहरे पर तेज की कमी रहती है, प्रशासनिक सेवाओं में असफलता मिलती है। पिता से न बनना, हिम्मत साहस की कमी महसूस होती है। काई भी कार्य देरी से होता है, जल्द निराशा का भी कारण बनता है।

शारीरिक अकड़न, बार-बार मुख में थूक का आना, सुस्ती व आलस्य पन का होना भी एक कारण होता है। यदि ऐसी स्थिति है तो सूर्य से संबंधित उपाय करना चाहिए।

* सुबह-सुबह कुछ मीठा खाकर जल पिएँ।

*बहते जल में गुड़ प्रवाहित करें।

*दो ताँबे के सिक्के लेकर एक जल में बहाएँ व दुसरा सिक्का स्वयं के पास रखें।

केशर
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*बहते जल में 9 खड़ी बादाम भी बहाना शुभ रहता है।

*शुद्ध केशर नाभि पर प्रति रविवार को घिसकर लगावें।

*लाल रंग, ऊनी वस्त्र, लकड़ी की वस्तु, यथा शक्ति सोना, खड़े मसूर का दान करना चाहिए।

*दान करने से पहले एक दिन अपने पास रख फिर दान करें।
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