राहु ने 30 अप्रैल को प्रात: 9.38 बजे कुंभ में से मकर राशि में प्रवेश किया। इस समय मिथुन लग्न का उदय हुआ। भारत की स्वतंत्रता दिवस की कुंडली वृषभ लग्न की है। इस लग्न में मकर राशि नवम भाव में आती है। नवम भाव व दशम शनि की राशियाँ हैं।
इस लग्न में दशम से भ्रमण करता हुआ वक्र गति से मकर में प्रवेश किया। यह 18 मास एक ही राशि में रहता है तो 18 वर्ष की महादशा रहती है। राहु कोई स्वतंत्र ग्रह तो नहीं लेकिन उत्तरी ध्रुव का कोना अंधकारमय है। इसीलिए राहु को छाया ग्रह कहा जाता है। राहु लग्न में हो तो भ्रम पैदा करता है।
ऐसे जातक की मानसिक स्थिति अस्थिर रहती है। किसी-किसी को मानसिक चिंता, मिर्गी जैसे रोग भी देता है। राहु शनिवत व्यवहार करता है। राहु मकर में व मकर राशि का स्वामी शनि पिता सूर्य की राशि सिंह में भ्रमण कर रहा है। अत: राहु का फल भी ठीक नहीं रहेगा।
राजनेताओं की मन:स्थिति को बिगाड़ेगा। आपसी खींचतान का भी कारण बनता है। सत्तापक्ष के लिए कष्टकारी साबित होगा। आगामी चुनाव में भारी उलटफेर के कारण भी बनेंगे। यदि चुनाव 10 दिसंबर को बाद होते हैं तो गुरु भी नीच का हो जाएगा व राहु की युति में रहने से काफी कष्टकारी बनता है। | | राहु ने 30 अप्रैल को प्रात: 9.38 बजे कुंभ में से मकर राशि में प्रवेश किया। इस समय मिथुन लग्न का उदय हुआ। भारत की स्वतंत्रता दिवस की कुंडली वृषभ लग्न की है। इस लग्न में मकर राशि नवम भाव में आती है। नवम भाव व दशम शनि की राशियाँ हैं। |
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जिसकी जन्मपत्रिका में गुरु-राहु साथ होंगे उनके लिए अस्थिरता का रहेगा। असामाजिक तत्व प्रभावी होंगे। आकस्मिक घटनाओं का योग भी बनता है। विद्वानों को कष्ट हो सकता है। आमजन मानस को भी कष्टकारी रहेगा। जिसकी पत्रिका में गुरु-राहु साथ हों वे महामृत्युंजय का जाप स्वयं करें तो कष्टों में कमी आएगी। शनि उच्च का जिसका होगा उन्हें राजयोग कारी भी बन सकता है। शेयर बाजार में भी उठापटक के संकेत हैं। वहीं सोने में मंदी का भी योग देखने को मिल सकता है। तेल में गिरावट आएगी। आम जनता बीमारी से परेशान हो सकती है।
राहु का विभिन्न राशियों पर प्रभाव कैसा रहेगा। आइए जानें- मेष राशि या लग्न वालों को दशम भाव से राहु का भ्रमण चलेगा। अत: व्यापार में सावधानी रखना होगी। राजनीतिज्ञ कुछ अपनी गुप्त युतियों से सफलता पाएँगे। पिता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। नौकरीपेशा सावधानी रखें। 18 माह गौमेद पहनें तो कुछ लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। वृषभ राशि या लग्नवालों को नवम भाव से भ्रमण करेगा। अत: भाग्योन्नति में उलटफेर की संभावना रहेगी। स्थानांतर के योग भी बन सकते हैं। गुप्त विद्या की ओर रुझान रहेगा। जन्मकुंडली में राहु शुभ हो तो गौमेद पहनकर लाभ पा सकते हैं।
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