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ग्रहों से जानें कहाँ सफल होंगे आप  Search similar articles
पं. अशोक पँवार 'मयंक'
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आज का युग काफी उन्नति की ओर जा रहा है। युवा वर्ग व बच्चों के लिए बेहतर भविष्य बनाने हेतु अनेक विकल्प खुले हैं। पहले जहाँ पढ़ाई में ज्यादा पैसा बाधा बनता था, आज वह भी दूर हो गया है, शिक्षा में मिलने वाला लोन लेने से। आने वाले कल में सरकार ऋण मुक्त शिक्षा लोन देने पर मुहर लगाने जा रही है।

... तो देर किस बात की, अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की। इस लेख में काफी अध्ययन कर और सफल छात्रों की कुंडलियों को जानकर ग्रहों के माध्यम से बताएँगे कि आप किस क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। फिर भी छात्रों और लेख पड़ने वालों से निवेदन है कि ये सिर्फ मार्गदर्शन देता है। कुछ आपकी सोच और कुछ हमारे द्वारा बताए ग्रहों के अनुसार विषय सफलता के चार चाँद लगा देंगे।

सबसे पहले मन में दृढ़ संकल्प कर लें कि हमें क्या बनना है। किसी के कहने पर सफलता नहीं मिलती। फिर जानें कि हमने किन विषयों में सर्वाधिक अंक अर्जित किए हैं व उससे संबंधित कोर्स क्या है। बस उसी में अपना भविष्य चुनें, निश्चित ही सफलता आपके कदम चूमेगी।
  अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की। इस लेख में काफी अध्ययन कर और सफल छात्रों की कुंडलियों को जानकर ग्रहों के माध्यम से बताएँगे कि आप किस क्षेत्र में सफल हो सकते हैं। फिर भी छात्रों और लेख पड़ने वालों से निवेदन है कि ये सिर्फ मार्गदर्शन देता है।      


हमें ग्रहों से जानने हेतु सर्वप्रथम लग्न जो स्वयं को दर्शाता है, लग्नेश की स्थिति लग्न में बैठे ग्रह लग्न को देखने वाले ग्रह फिर द्वितीय वाणी धन की बचत कुटुम्ब भाव व वक्ता भाव को देखना होगा। धन है, कुटुम्ब का सहयोग है, अच्छी वाणी है तो सफलता आसान हो जाती है। फिर तृतीय भाव पराक्रम, मित्र, साझेदारी, भाई, शत्रु भाव को जानना होगा। उसके बाद पंचम भाव विद्या भाव व नवम भाव भाग्य के बाद दशम भाव राज्य पिता भाव का भी सपोर्ट होना चाहिए।

* लग्नेश उच्च का हो या स्वराशिस्थ हो या मित्र राशि का होकर लग्न द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम, नवम, दशम, एकादश भाव में शुभ रहेगा। षष्ठ व अष्टम द्वादश में न हो तो अच्छा है।

* द्वितीयेश द्वितीय में राशिस्थ हो या उच्च का हो या स्वराशिस्थ हो या मित्र राशि का हो तो उस जातक को धन-कुटुम्ब का सहयोग व अपनी वाणी द्वारा सफलता का कारक बनता है।
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