अक्षांश का भी जानना आवश्यक है। हमारे इंदौर का अक्षांश 22.43 है यानी इंदौर का 22.43 विषुवत रेखा से उत्तर में है। इसका टेबलस ऑफ असेन्डेण्ट्स में देखकर लग्न निकालने के लिए महत्व होगा। इसी प्रकार हम स्थानीय समय निकाल सकते हैं। हाँ, यदि 83.30 से अधिक रेखांश पर जन्म हो तो स्टैंडर्ड समय में जोड़ना पड़ेगा। जैसे किसी का जन्म 3 जनवरी 1983 में भारतीय समय 6.30 ए.एम. में हुआ तो लोकल समय क्या होगा। 6.30 ए.एम. आई.एस.टी. स्टैंडर्ड समय 26.36 स्थानीय समय है तो घटाएँगे ______________ 6.3. 24 यानी स्थानीय समय सुबह के 6 बजकर 3 मिनट 24 सेकंड हुए।
अब साम्पतिक काल जानना है तो दोपहर 12 बजे में 6 घंटा 3 मिनट 24 सेकंड घटाना पड़ेगा, क्योंकि यह समय सुबह का है H = घंटा M = मिनट S = सेकंड।
H M S 12.00.00 - 6 03 24 ______________ 5. 54. 36
दोपहर बारह बजे से पहले जन्म हुआ समय।
साम्पतिक काल टेबलस ऑफ असेन्डेण्ट्स के प्रारंभ में पृष्ठ संख्या 2-4 पर देखें। हम वहाँ से 3 जनवरी का साम्पतिक काल निकालेंगे। - घ.मि.से. 3 जनवरी का साम्पतिक काल 18.45.45 निकाला
1983 का शोधन- 00 मिनट 25 सेकंड है। इंदौर के लिए संस्कार + 4 सेकंड है।
18.45.45 - 25 ______________ 18.45.25 + 4 ______________ 18.45.29 शुद्ध साइडरीयल टाइम हुआ।
शुद्ध साम्पतिक काल H M S 18.45. 29 - 5 54 36 ______________ 12. 05.53 तारामंडल 12 घंटे 50 मिनट 53 सेकंड हुआ।
अब 22.43 अक्षांश लग्न सारिणी में से देखा तो इस प्रकार है। पेज नं. 36 पर 22.35 नार्थ में देखा। S से राशि 0अंश' से कला जाने। 12 घंटे 48 मिनट के लिए S 0, 8.8.29 मिला 2 मिनट के लिए निकालना है 12 घंटे 52 मिनट मिला 8.9.24 12 घंटे 48 मिनट का - 8.29 _____ 00.55 _____ पेज 36 से नीचे पाया। मिनट है तो 14, 2 मिनट है हेतु 28 कला अत: 8.8.29 + 28 _____ 8.8.57 में 12 घंटे 50 मिनट का हुआ। अब 53 सेंकड के लिए लगभग 12 कला होगा
8.8.52 + 12 _____ 8.9.04
अब इसमें अमन मांश संशोधन करेंगे यह पेज नं. 5 पर सन् 1983 पर 38 कला देखा।
8.9.04 _ 38 _____ 8.8.26
यानी शुद्ध लग्न धनु 8 अंश 26 कला आया। यह शुद्ध लग्न हुआ।
इस प्रकार रात्रि बारह बजे के बाद से दोपहर बारह बजे के पहले शुद्ध लग्न निकाल सकते हैं। आगे हम दोपहर से रात्रि बारह बजे के मध्य की लग्न निकालना बताएँगे।
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