भाग्येश त्रिकोण में सबसे बली नवम् भाव को माना गया है। भाग्येश भाग्य में हो तो ऐसे जातकों का भाग्य सदैव साथ देता रहता है। ऐसे जातक 30 सेंट का हीरा तर्जनी या अँगूठे में पहनें तो अच्छा लाभ मिलता है। शुक्र द्वितीय धन भाव में हो तो भाग्येश धन में होने से धन की कमी महसूस नहीं रहती।
द्वितीयेश मार्केश होता है, लेकिन त्रिकोणेश में बली त्रिकोणेश होने से शुक्र मार्केश नहीं होता है। इनकी आवाज मधुर होती है। शुक्र के साथ शनि होकर नवम् भाव में हो तो ये सफल चिकित्सक बन सकते हैं या इंजीनियर भी हो सकते हैं। इन्हें ऑटोमोबाइल या कम्प्यूटर साइंस में भी अच्छी सफलता मिल सकती है। ये अच्छे नेत्र सर्जन भी हो सकते हैं। शुक्र की स्थिति पंचम, सप्तम में द्वितीय भाव में शुभ रहती है।
कन्या लग्न के साथ-साथ कन्या, तुला या मकर राशि हो या मिथुन-वृषभ राशि हो तो ऐसे जातक को हीरा व पन्ना पहनना शुभ रहेगा। हरा, सफेद, चमकीला, आसमानी रंग शुभ फलदायी रहेगा। ऐसे जातक को हमेशा हरा या सिल्वर रंग का पेन इस्तेमाल करना चाहिए।
वाहन लेना हो तो आसमानी, हरा, सिल्वर रंग उपयुक्त रहेगा। दक्षिण, पश्चिम दिशा शुभ रहेगी। वहीं 5,6,2,4,8 और इनको जोड़ने वाले अंक शुभ रहेंगे। शुक्रवार, बुधवार, शनिवार क्रमश: शुभ फलदायी रहेंगे।
कन्या लग्न वालों के लिए उत्तम जीवनसाथी, मकर, मीन, तुला लग्न वाले होंगे। तुला लग्न या तुला, वृषभ राशि वालों से भाग्य चमकेगा। इनकी कुंभ व मेष राशि वालों से नहीं बनेगी।
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