जीवन से जुड़े वेदों के 15 श्लोक....

संकलन : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु' ।। सं गच्छध्वम् सं वदध्वम्।। (ऋग्10.181.2)
अर्थात: साथ चलें मिलकर बोलें। उसी सनातन मार्ग का अनुसरण करो जिस पर पूर्वज चले हैं। 
 
दार्शनिकों, संतों, साहित्यकारों, नीतिज्ञों और वैज्ञानिकों के विचारों को पढ़कर जीवन में बहुत लाभ मिलता है। मौर्यकाल में जहां नीतिज्ञों में चाणक्य का नाम विख्यात था, वहीं दार्शनिकों और मनोवैज्ञानिकों में पाणिनी और पतंजलि का नाम सम्मान के साथ लिया जाता था। वैज्ञानिकों में पिङ्गल, वाग्भट्ट, जीवक आदि महान वैज्ञानिक थे। हालांकि इसके पूर्व महाभारत काल में तो और भी महानतम लोग थे।
धर्म, ज्ञान और विज्ञान के मामले में भारत से ज्यादा समृद्धशाली देश कोई दूसरा नहीं। भारत ने दुनिया को सभी तरह का ज्ञान दिया और आज उस ज्ञान के कारण पश्‍चिम और चीन जगत के लोग अपना जीवनस्तर सुधारने में लगे हैं, लेकिन भारत तो अभी विकासशील देश ही बना हुआ है। यहां धार्मिक कट्टरता और राजनीतिक अपरिपक्वता ही अधिक देखने को मिलती है। फिर भी भारतीय बुद्धि का दुनिया में लोहा माना जाने लगा है तो उसी ज्ञान के बल पर जो हमारे ऋषि और मुनि हमें दे गए हैं। हालांकि हमने वेद और संस्कृत के ऐसे 15 श्लोक संग्रहीत किए हैं, जो आपके जीवन को बदलकर रख देंगे।
 
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