वृषभ- इस राशि व लग्न वालों का स्वामी शुक्र है। अर्थ प्रधान व सौन्दर्य का कारक होने से यह जातक उत्तम कदकाठी के, सुंदर और विपरित लिंग के प्रति आकर्षण शक्ति वाले होते हैं। कला व सौन्दर्य के प्रति सजग रहते हैं। शुक्र की स्थिति के अनुसार परिणाम भी मिलते हैं।
शुभ रत्न- ओपल शुभ रंग- सिल्वर।
सेहत- स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष बहुत कुछ ठीक रहेगा। फिर भी स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से बचकर चलें। खान-पान का ध्यान रखें।
दांपत्य जीवन- परिवारिक मामलों में मिलीजुली स्थिति रहेगी। दांपत्य जीवन में सुखद वातावरण रहेगा। कभी-कभी नोंकझोंक भी संभव है।
व्यवसाय- व्यापार-व्यवसाय के मामलों में सावधानी रखकर चलें तो लाभजनक स्थिति पा सकते हैं। प्रतिस्पर्धा में भी ध्यान रखना होगा।
नौकरीपेशा- नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए पूरे वर्ष भर उत्साहजनक माहौल रहेगा। शत्रु पक्ष प्रभावहीन होंगे। समय का ध्यान अवश्य रखना होगा।
आर्थिक स्थिति- धन संबंधी मामलों में संभल कर चलना होगा। धन लाभ स्वप्रयत्नों से ही मिलेगा। अकस्मात धन लाभ के योग न के बराबर ही हैं।
शत्रु पक्ष- शत्रु पक्ष से आपको डरने की जरूरत नहीं है। कोर्ट कचहरी के मामलों में समय आपके अनुरूप ही रहेगा। सावधानी अवश्य रखें।