मंगल का पुरुष एक समान स्वभाव वाला, दोनों होंठ एक समान, रंग लाली लिए, आंखें लाल (शेर के समान डरावनी), बृहस्पति और सूर्य के चिह्न साथ मिले होते हैं।
गेंद के समान ऊपर से उभरा हुआ, परंतु नीचे की तरफ हल्का, हाथ चौरस, अंगुलियों के सिरे चौड़े होते हैं। आज्ञा देना स्वभाव में शामिल होता है, विचारों का पक्का कहा जा सकता है। मंगल के संबंध में ज्योतिषीय गणना इस प्रकार है : -
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पक्का घर - 3। श्रेष्ठ घर - 1-3, 5-7, 9-12। नीच घर- 4, 8। रंग- लाल (रक्तिम)। शत्रुग्रह- केतु, बुध। मित्र ग्रह- बृहस्पति, चन्द्र, सूर्य। सम ग्रह- शुक्र, शनि। कार्यप्रवृत्ति- पुलिस या सेना। उच्च- 10। नीच- 4। समय- दोपहर (दिन का तीसरा पहर)। दिन (वार)- मंगलवार। बीमारी- रक्त विकार। भाव विचार- सूर्य+बुध (मंगल श्रेष्ठ)। सूर्य+शनि (मंगल नीच)।