Widgets Magazine

पॉज़िटिव रहें, रिश्तों को जिएं

WD|

कई बार आप परिस्थितिवश या अन्य कारणों के चलते नकारात्मक मानसिकता का शि‍कार हो जाते हैं, जिसका आपके दिलो-दिमाग पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। यही नहीं आपके आसपास के लोगों व उनकी मानसिकता पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। क्योंकि यह नकारात्मकता आपके विचार और व्यवहार में साफ तौर पर दिखाई देती है और आपके जरिये आपके अपनों तक पहुंचती है। कुलमिलाकर हम अपना और अपनों का नुकसान ही करते है। इसीलिए जरूरी है, कि ऐसी परिस्थितियों से बचा जाए। 
ऐसी बातों को अपने दिल व दिमाग में जगह ही न दें, जो आपकी मानसिकता को विकृत करती हों और आपकी छवि को आपके अपनों के बीच में खराब करती हो। जब भी ऐसी स्थि‍ति निर्मित हों, खुद पर नियंत्रण रखना सीखें। यकीन मानिये ये सबसे बड़ी कला है।खुद के दिमाग को नकारात्मक बातों से दूर रखें और दिमाग में उपज रहे विचारों को सकारात्मकता की ओर ले जाए।  
अगर आपके सामने कुछ गलत हो रहा है, तो यह जरूरी नहीं, कि‍ जो दिखाई दे रहा हो वही वास्तविकता हो। कई बार वास्तविकता और हमारी सोच में अंतर होता है, जो मन में अविश्वास की भावना बन कर उपजता है। वही अविश्वास खीज चिड़चिड़ेपन और गुस्से के रूप में बाहर निकलता है,जो आपके अपनों पर विपरीत प्रभाव डालता है और आपकी छवि पर भी।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :