शहीद के परिवार की मांग, 'मुख्‍यमंत्री आदित्‍यनाथ आएं गांव'

Last Updated: शुक्रवार, 19 मई 2017 (22:29 IST)
सम्भल। सरहद पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी में शहीद हुए उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले के निवासी जवान सुधीश कुमार के परिजन अपने गांव की उपेक्षा से आहत होकर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके गांव नहीं आएंगे, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा।
पिछले साल 16 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के राजौरी के पास पाकिस्तानी गोलाबारी में शहीद हुए सुधीश के भाई मनोज कुमार ने शुक्रवार को यहां बताया कि उस वक्त उन्होंने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को गांव बुलाने को लेकर धरना दिया था। उनके नहीं आने को भाजपा ने मुद्दा बनाते हुए तमाम वादे किए थे।

उन्होंने बताया कि भाजपा नेताओं ने शहीद के परिजन को पेट्रोल पम्प दिलाने, उनके गांव पंसुखा मिलक में सड़क बनवाने, शहीद सुधीश का स्मारक बनवाने, गांव के प्राइमरी स्कूल का नाम शहीद के नाम पर करवाने तथा गांव में एक इंटर कॉलेज बनवाने की बात की थी लेकिन अफसोस, आज तक उनकी सुध लेने कोई नहीं आया है।
शहीद के भाई अनिल कुमार ने बताया कि हमारा क्षेत्रीय नेताओं से विश्वास पूरी तरह से उठ गया है अब जब तक प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमारे गांव आकर हमारी समस्या को नहीं समझेंगे तब तक हमारा परिवार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा रहेगा।

इस समय शहीद भाई की पत्नी कविता, मां संतोष कुमारी पिता ब्रह्मपाल सिंह तथा भाई अनिल कुमार सहित काफी ग्रामीण परिजनों के समर्थन में योगी के गांव आने की मांग को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं।
मालूम हो कि राजपूत बटालियन में तैनात सुधीश के शहीद होने के बाद के गांव में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बुलाने के लिए परिजन ने अनशन किया था लेकिन अखिलेश गांव नहीं पहुंचे थे। अखिलेश ने शहीद के परिजन को मुलाकात के लिए लखनऊ बुलाया था लेकिन परिजनों ने लखनऊ जाने से इनकार कर दिया।

भाजपा नेताओं ने इसे मुद्दा बनाया था। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव प्रताप शुक्ला ने अनशन पर बैठे परिजन तथा अन्य ग्रामीणों का अनशन तुड़वाया था जिसके बाद भाजपा के प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, क्षेत्रीय सांसद सतपाल सिंह सैनी तथा अमरोहा से सांसद कंवर सिंह तंवर ने भी परिजन से मुलाकात की थी। (भाषा)

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :