तमिल छात्रा ने दिव्यांगता को हरा हासिल किए 96.6 फीसदी अंक

पुनः संशोधित सोमवार, 29 मई 2017 (08:30 IST)
नई दिल्ली। पढ़ाई के लिए मैग्नीफाइंग ग्लास के इस्तेमाल की बाध्यता भी दर्शना एमवी को अपना सर्वश्रेष्ठ करने से रोक नहीं पाई और उसने दिव्यांगजन श्रेणी में की 12वीं की परीक्षा में 96.6 फीसदी अंक के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
त्रिवेंद्रम के आदित्य आर. राज, पलक्कड़ की लक्ष्मी पीवी (दोनों केरल में) और तमिलनाडु के कृष्णागिरी की दर्शना एमवी इस श्रेणी में क्रमश: पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने में सफल रहे।

कृष्णागिरी में नालंदा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की छात्रा दर्शना ने फोन पर बताया कि मैं बहुत खुश हूं। दर्शना माइक्रोकॉर्निया नाम की बीमारी से पीड़ित हैं जिसकी वजह से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी लगभग गायब है और बाईं आंख में आंशिक दृष्टि है। दर्शना ने अपनी सफलता का श्रेय अपने अभिभावकों और शिक्षकों को दिया। (भाषा)

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