IS में शामिल होने जा रहे थे तीन युवक, पुलिस को शक

मुंबई| पुनः संशोधित सोमवार, 21 दिसंबर 2015 (18:23 IST)
मुंबई। कुछ समय से लापता 3 युवकों के आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने का संदेह है। यह जानकारी सोमवार को पुलिस ने दी। तीनों युवकों की पहचान अयाज सुल्तान (23), मोहसिन शेख (26) और वाजिद शेख (25) के तौर पर हुई है और तीनों के मलवानी इलाके के रहने वाले हैं।
मलवानी थाने के वरिष्ठ निरीक्षक मिलिंद खेटले ने कहा कि हमें संदेह है कि तीनों में शामिल हुए हैं और यह साबित करने के लिए हमारी जांच जारी है। उन्होंने कहा कि तीनों युवकों के अभिभावकों ने मलवानी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
 
आतंकवाद निरोधक दस्ते के एक अधिकारी ने भी कहा कि उन्हें संदेह है कि तीनों युवकों को इस्लामिक स्टेट में शामिल होने के लिए कट्टर बनाया गया है और कहा कि एटीएस मामले की जांच कर रही है। एटीएस के अधिकारी ने कहा कि सुल्तान 30 अक्टूबर को लापता हुआ जबकि 2 अन्य 16 दिसंबर से लापता हैं।
 
खेटले के मुताबिक सुल्तान 30 अक्टूबर को अपने अभिभावकों को यह बताकर घर से निकला कि उसे कुवैत की एक कंपनी ने नौकरी की पेशकश की है जिस सिलसिले में उसे पुणे जाना है।
 
पुलिस अधिकारी ने कहा कि मोहसिन 16 दिसंबर को घर छोड़कर निकला और बताया कि एक दोस्त की शादी में शामिल होने जा रहा है। वाजिद भी उसी दिन यह कहकर घर से निकला कि उसे अपने आधार कार्ड में नाम में सुधार करवाना है।
 
उन्होंने कहा कि पुलिस को संदेह है कि तीनों युवक एक-दूसरे के संपर्क में थे, क्योंकि वे एक ही इलाके में रहते थे और उनमें से दो ने एक ही दिन घर छोड़ा। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने तीनों लापता युवकों के ई-मेल अकाउंट का पासवर्ड तोड़ने का प्रयास किया लेकिन अभी तक सफल नहीं हुए हैं। पुलिस ने कहा कि तीनों युवकों के परिवार के सदस्यों के बयान के आधार पर प्रतीत होता है कि वे काफी कट्टर बन चुके थे।
 
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या लापता युवकों को आईएस में शामिल होने के लिए किसी ने व्यक्तिगत रूप से उनका ब्रेनवॉश किया या इंटरनेट के माध्यम से उन्हें कट्टर बनाया गया। पिछले वर्ष मई में ठाणे जिले के नजदीकी कल्याण शहर के 4 युवक आईएस में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे। उनमें से एक आरिब माजिद वापस लौटा और फिलहाल वह एनआईए की हिरासत में है जबकि शेष 3 के ठिकाने के बारे में पता नहीं है।
 
इसके अलावा पुणे की 16 वर्ष की एक मुस्लिम लड़की का विदेश में उसके आईएस संपर्क ने कथित तौर पर उसे कट्टर बनाया और सीरिया आने के लिए ब्रेनवॉश किया। एटीएस के कर्मियों ने इस महीने उससे पूछताछ की और उसे कट्टरता के प्रभाव से मुक्त करने के कार्यक्रम में भेजा। (भाषा)

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