आईएस से मुकाबले को तैयार है कश्मीर!

श्रीनगर| सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित शुक्रवार, 18 दिसंबर 2015 (18:27 IST)
श्रीनगर। आपको यह जान कर हैरानगी होगी कि शायद दुनिया का ऐसा आतंकवादग्रस्त इलाका है जहां 30 देशों के आतंकी सक्रिय हैं और यहां पर अफगान मुजाहिदीनों, तालिबानियों और अल-कायदा के सदस्यों से सुरक्षाबल इन 26 सालों में मुकाबला करते आए हैं।
 
अब कश्मीर में सक्रिय आईएस समर्थकों की हरकतों पर लगातार करीब डेढ़ साल से नजर रखने वाले अधिकारी अब यह जरूर कहने लगे थे कि कश्मीर ने अफगान मुजाहिदीनों, तालिबानियों और अल-कायदा के सदस्यों का मुकाबला किया है और अब वह के मुकाबले के लिए भी तैयार है।
 
कश्मीर में 1988 में जब शुरू हुआ तो तब स्थानीय आतंकी ही मैदान में थे। वर्ष 1992-93 के मध्य में पाकिस्तान ने पहले अफगान मुजाहिदीनों को इस ओर धकेला। उसके बाद विदेशी आतंकियों की ऐसी बाढ़ कश्मीर में आई की सुरक्षाबलों ने अभी तक 30 से अधिक देशों के उन भाड़े के आतंकियों को कश्मीर में ढेर कर दिया जो सिर्फ पैसे की खातिर और खूबसूरत कश्मीरी औरतों को पाने के लालच में कश्मीर में चल रही तथाकथित आजादी की जंग में कूदे थे।
 
कश्मीर में विदेशी आतंकियों का आना कभी रूका नहीं था। जब रूसी सेना ने अफगानिस्तान में अपना दबाव बढ़ाया तो पाकिस्तान ने उन तालिबानियों को इस ओर धकेल दिया जो अफगानिस्तान से भाग कर पाकिस्तानी इलाकों में वापस लौट आए थे।
 
माना की कुछ देर तक वे भारतीय सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बन कर उभरे थे पर भारतीय सेना ने सभी आतंकियों को आतंकी के तौर पर लेते हुए उनसे डटकर मुकाबला किया और उन्हें भी परास्त कर दिया।
 
अगर रक्षाधिकारियों पर विश्वास करें तो अल-कायदा का पर्दापण भी कश्मीर में कई साल पहले हो चुका है। एलओसी पर होने वाली मुठभेड़ों में कुछेक अल-कायदा सदस्यों को मार गिराया जा चुका है और एक को जीवित पकड़ा गया था। फिलहाल जीवित पकड़ा गया आतंकी जेल में बंद है।
 
ऐसे में जबकि कश्मीर में तैनात सुरक्षाबलों ने 30 से अधिक देशों के खूंखार माने जाने वाले आतंकियों का मुकाबला आतंकवाद के इन 26 सालों में किया है, वे आईएसआईएस को भी बड़ा खतरा नहीं मानते हैं। एक सेनाधिकारी ने कहा कि भारतीय सेना के लिए आतंकी, आतंकी ही होता है और वह चाहे किसी भी गुट का हो या फिर किसी भी देश का। भारतीय सुरक्षाबल और कश्मीर आईएसआईएस से मुकाबले को पूरी तरह से तैयार है और उनका भी हश्र 30 देशों के आतंकियों की ही तरह होने वाला है।

Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :