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फारूक अब्दुल्ला ने भरा श्रीनगर लोकसभा सीट से पर्चा

सुरेश एस डुग्गर|
श्रीनगर। के लिए नूरा कुश्ती का आगाज हो गया है। नेकां कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अपना पर्चा आज भर दिया। साथ ही पीडीपी के ने भी पर्चा दाखिल कर मैदान में कूदने का ऐलान तो किया पर दक्षिण कश्मीर में पत्थरबाजों ने पीडीपी नेताओं को पत्थरों का स्वाद चखाकर यह संकेत जरूर दिया कि इस बार के चुनाव आसान नहीं हैं। यही नहीं आलाकमान से फटकार के बाद प्रदेश भाजपा नेता पीडीपी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार में उतरे तो हैं, पर अनमने मन से। 
नेशनल कॉन्‍फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला और सत्तारुढ़ पीडीपी उम्मीदवार नजीर अहमद खान ने श्रीनगर लोकसभा सीट पर नौ अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए सोमवार को नामजदगी का पर्चा दाखिल किया। अब्दुल्ला और खान ने रिटर्निंग ऑफिसर फारूक अहमद लोन के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित ‘क्रूरता’ के खिलाफ तारिक हामिद कर्रा के सितंबर में इस्तीफा देने के कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था। उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में पीडीपी के टिकट पर अब्दुल्ला को पराजित किया था। नेशनल कॉन्‍फ्रेंस और कर्रा की नई पार्टी के बीच सीटों को साझा करने को लेकर हुई सहमति के बाद वह (कर्रा) यह चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
 
इस बीच दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक खान उस समय बाल-बाल बच गए जब शरारती तत्वों ने पीडीपी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन पर पत्थरों से हमला कर दिया। खान सम्मेलन में मुख्य अतिथि थे। पथराव में पार्टी के तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। हमले के तुरंत बाद पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया लेकिन कार्यकर्ताओं की अफरातफरी के बीच वे भाग निकलने में सफल हो गए। यह घटना कुलगाम के चवलगाम इलाके की है। उस समय डाक बंगला में पीडीपी के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन चल रहा था। ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री अब्दुल हक खान मुख्य रूप से मौजूद थे। 
 
मंत्री ने जब कार्यकर्ताओं को संबोधित करना शुरू किया तो थोड़ी ही देर में शरारती तत्वों ने कार्यकर्ताओं पर डाक बंगला के बाहर से पत्थरों से हमला बोल दिया। आसपास तैनात सुरक्षाबल के जवान भी सतर्क हो गए, लेकिन शरारती तत्व वहां से फरार होने में कामयाब हो गए। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। हमले में पत्थर लगने से तीन कार्यकर्ता घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया गया कि इसकी जांच की जा रही है कि सम्मेलन में किसने उपद्रव मचाया।
 
दूसरी ओर अनंतनाग और श्रीनगर संसदीय सीटों के उपचुनावों के लिए चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद भाजपा ने गठबंधन सहयोगी पीडीपी के लिए अपने समर्थन की घोषणा कर दी है। भाजपा ने अलग से चुनाव लड़ने के खिलाफ फैसला लिया है। दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिला के खन्नाबल इलाके में भाजपा एमएलसी सोफी यूसुफ ने कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए घोषणा की कि भाजपा ने उपचुनावों में किसी भी उम्मीदवार को नहीं खड़ा करने का फैसला लिया है। उन्होंने मतदाताओं से पीडीपी उम्मीदवार और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के भाई तस्सद्दुक मुफ्ती का समर्थन करने की अपील की।
 
उन्होंने कहा कि जम्मू में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। सोफी ने कहा कि भाजपा ने मूल सदस्यता संख्या को तीन लाख पार कर दिया है और हमारे सभी वोट पीडीपी को जाएंगे। इस बीच इलाके में पहली जनसभा को संबोधित करते हुए तस्सद्दुक मुफ्ती ने लोगों से उनकी जीत के लिए उनके जीवन को खतरे में नहीं डालने का आग्रह किया था। वह जीते या हारे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। महत्वपूर्ण यह है कि जीत आपकी हो।
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