मणिपुर में भाजपा की एन. बिरेन सिंह सरकार ने जीता विश्वासमत

नई दिल्ली| पुनः संशोधित सोमवार, 20 मार्च 2017 (14:26 IST)
विधानसभा चुनाव 2017 में नंबर दो पर रहने के बावजूद सरकार बनाने में कामयाब रही भारतीय जनता पार्टी सोमवार को सदन में हुई अग्नि परीक्षा में कामयाब हो गई है और उन्होंने ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव जीत लिया है।
गौरतलब है कि 11 मार्च को घोषित चुनाव परिणामों में मणिपुर की 60-सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही थी और भाजपा को सिर्फ 21 सीटें मिल पाई थीं, लेकिन कांग्रेस के अलावा अन्य विधायकों के समर्थन के दावों के साथ भाजपा ने भी सरकार गठन का दावा पेश किया था, जिसे राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने मान लिया, और उन्हें न्योता दे दिया। इसके बाद बुधवार, 15 मार्च को भाजपा नेता एन. बिरेन सिंह को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी और एनपीपी नेता यूमनाम जयकुमार सिंह को डिप्‍टी सीएम के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
 
बिरेन सिंह को पिछले सोमवार (13 मार्च) को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था और उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री बिरेन ने मणिपुर की सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व का आभार जताया था। बीरेन सिंह को सरकार बनाने का निमंत्रण उस दिन दिया गया था, जब एनडीए में शामिल नगा पीपुल्स फ्रंट के चार सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन के लिए भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की।
 
राजभवन सूत्रों ने बताया था कि नगा पीपुल्स फ्रंट के चार विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी। गोवा के बाद मणिपुर दूसरा ऐसा राज्य बना, जहां हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में नहीं उभरने के बावजूद भाजपा की गठबंधन सरकार बन गई है। (एजेंसी)

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