कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में पाकिस्तान ने फिर तोड़ा युद्धविराम, दो लोगों की मौत

जम्मू| Last Updated: शनिवार, 13 मई 2017 (12:50 IST)
जम्मू। पाकिस्तानी सैन्य बलों ने एक बार फिर संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास शुक्रवार को मोर्टार दागे और स्वचालित हथियारों से हमला किया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए।
पाकिस्तानी सेना ने जम्मू और कश्मीर में पिछले तीन दिनों में तीसरी बार संघषर्विराम का उल्लंघन किया है। इससे पहले पाकिस्तानी बलों की गोलीबारी और गोलेबारी में एक महिला की मौत हो गई थी और तीन अन्य लोग घायल हुए थे। जम्मू में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष मेहता ने कहा कि भारतीय सेना 'जोरदार और प्रभावी रूप से जवाब दे रही हैं।' उन्होंने बताया कि ताजा रिपोर्ट आने तक मुठभेड़ जारी थी।
राजौरी के उपायुक्त (डीसी) शाहिद इकबाल चौधरी ने कहा, 'नौशेरा इलाके में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी एवं गोलेबारी में दो लोगों की मौत हुई है और तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।' मेहता ने कहा, 'पाकिस्तानी सेना ने में नियंत्रण रेखा के पास सुबह सात बजकर 15 मिनट से छोटे और स्वचालित हथियारों से हमला किया और 82 एमएम एवं 120 एमएम के मोर्टार दागे।'
डीसी ने बताया कि नियंत्रण रेखा के पास जिस जगह को निशाना बनाया गया है, उसके निकट स्थित पांच बस्तियों में रहने वाले और तकरीबन 100 लोगों को वहां से निकाल कर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी बल जनगढ़, भवानी और लाम इलाकों को निशाना बना रहे हैं।

पाकिस्तान रेंजर्स ने कल भी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलियां दाग कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। जिसमें बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया था। पाकिस्तानी सैन्य बलों ने 10 और 11 मई को भी जम्मू् और कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास असैन्य इलाकों में स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की थी और मोर्टार दागे थे। इसमें एक महिला की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हो गए थे। राजौरी जिले की नौशेरा तहसील में पाकिस्तान के इस कदम के मद्देनजर इलाके में 11 और 12 मई के स्कूल बंद कर दिए गए थे।
विभिन्न सीमावर्ती बस्तियों में रह रहे 1500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया गया है। सरकार ने पिछले महीने कहा था कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पिछले एक साल में 268 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया। इन घटनाओं में नौ लोगों की मौत हुई।

रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि अप्रैल 2016 से मार्च 2017 के दौरान नवंबर 2016 में सर्वाधिक बार संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ। नवंबर में 88 बार ऐसा किया गया और अक्टूबर 2016 में 78 और इस साल मार्च में 22 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ। भारत और पाकिस्तान के बीच नवंबर 2003 में संघर्षविराम लागू हुआ था। (भाषा)

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