ओशो के 10 विवादित विचार, जानिए कौन से...

Last Updated: शुक्रवार, 9 जनवरी 2015 (13:39 IST)
संकलन : अनिरुद्ध जोशी 'शतायु' ओशो को हम क्या कहें- धर्मगुरु, संत, आचार्य, अवतारी, भगवान, मसीहा, प्रवचनकार, धर्म- विरोधी या फिर सेक्स गुरु? जो ओशो को नहीं जानते हैं और या जो ओशो को थोड़ा-बहुत ही जानते हैं उनके लिए ओशो उपरोक्त में से कुछ भी हो सकते हैं।>
> 20वीं सदी के महान विचारक तथा आध्यात्मिक गुरु ने वर्तमान में सभी प्रचलित धर्मों के पाखंड को उजागर कर दुनियाभर के लोगों से दुश्मनी मोल ले ली थी। दुनिया को एकदम नए विचारों से हिला देने वाले, बौद्धिक जगत में तहलका मचा देने वाले भारतीय गुरु ओशो से पश्चिम की जनता इस कदर प्रभावित हुई कि भय से अमेरिका की रोनाल्ड रीगन सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करवाकर जेल में डाल दिया था और बाद में अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत उनको जहर देकर छोड़ दिया गया।
ओशो ने सैकड़ों पुस्तकें लिखीं, हजारों प्रवचन दिए। उनके प्रवचन पुस्तकों, ऑडियो कैसेट तथा वीडियो कैसेट के रूप में उपलब्ध हैं। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से दुनियाभर के वैज्ञानिकों, बुद्धिजीवियों और साहित्यकारों को प्रभावित किया। जब कोई व्यक्ति ओशो की किताबें पढ़ता या प्रवचनों की कैसेट सुनता है तो ये लोग सलाह देते हैं कि 'पढ़ो, पर उनकी बातें मानना मत। वे जैसा कहें, वैसा करना मत।' दरअसल, यह ऐसी बात हुई कि आप लोगों से कहें कि 'गुड़ तो खा लें लेकिन गुलगुले से परहेज करें।' सचमुच यह ओशो के विचारों का डर है, जो तब भी समाज में था और आज भी है। आओ जानते हैं कि उनके ऐसे कौन से विचार हैं, जो गुलगुलों की तरह हैं...

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