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तेजेन्द्र शर्मा को 'मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' सम्मान


 
 
-अजित राय
 
लंदन। तेजेन्द्र शर्मा को ब्रिटेन की महारानी ने 'मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' के लिए चुना है। द्वारा 17 जून 2017, शुक्रवार रात 10.30 बजे जारी आधिकारिक दस्तावेज 'लंदन गजट' में तेजेन्द्र शर्मा के नाम की घोषणा की गई।
 
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेजा मे की सिफारिश पर महारानी एलिजाबेथ ने तेजेन्द्र शर्मा के नाम को इस सम्मान के लिए अपनी मंजूरी दी। उन्हें महारानी अपने सेंट जेम्स पैलेस में आयोजित विशेष समारोह में यह सम्मान प्रदान करेंगी। 
 
तेजेन्द्र शर्मा यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय हैं जिन्हें हिन्दी लेखन, की सेवा और सामुदायिक एकजुटता की गतिविधियों के लिए यह सम्मान मिल रहा है। अलग-अलग श्रेणियों में यह सम्मान ओम पुरी, सलमान रुशदी, वीएस नायपाल, विक्रम सेठ, अनीश कपूर आदि कई हस्तियों को मिल चुका है। भारत में इन्हीं सम्मानों की तर्ज पर पद्म सम्मान दिए जाते हैं।
 
ब्रिटेन में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने कहा है कि तेजेन्द्र शर्मा ने अपने साहित्य लेखन के जरिए पिछले 2 दशकों से विभिन्न समुदायों के बीच एकजुटता बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वहीं मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी के सांसद गैरेथ टॉमस का कहना है कि ब्रिटेन से प्रकाशित हिन्दी की अकेली साहित्यिक पत्रिका 'पुरवाई' के संपादक तेजेन्द्र शर्मा ने अपनी संस्थान 'कथा यूके' के जरिए सामाजिक सौहार्द का बड़ा काम किया है।
 
लेबर पार्टी के ही एक दूसरे सांसद वीरेंदर शर्मा ने कहा है कि वे तेजेन्द्र शर्मा के साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां ब्रिटेन में का मुख्य विषय भारत के प्रति अतीत-मोह है वहीं तेजेन्द्र शर्मा का लेखन हमेशा ब्रिटेन के जीवन को फोकस करता रहा है।
 
तेजेन्द्र शर्मा ने अपने पिता नंदगोपाल मोहला और दिवंगत पत्नी इंदु को अपने लेखन का श्रेय देते हुए कहा कि ब्रिटेन की महारानी द्वारा किसी हिन्दी लेखक को उसके साहित्यिक अवदान के लिए सम्मानित किया जाना एक ऐतिहासिक घटना है। इससे हिन्दी को वैश्विक भाषा बनने में बल मिलेगा। उन्होंने अपना पुरस्कार हिन्दी साहित्य जगत को समर्पित करते हुए अपने गुरुजनों को भी याद किया। 
 
पंजाब के जगरांव में 21 अक्टूबर 1952 को एक साधारण परिवार में जन्मे तेजेन्द्र शर्मा की लगभग 2 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें भारत में साहित्य लेखन के लिए दर्जनों पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है जिसमें केंद्रीय हिन्दी संस्थान का डॉ. मोटुरी सत्यनारायण सम्मान (2011), उत्तरप्रदेश हिन्दी संस्थान का प्रवासी भारतीय साहित्य भूषण सम्मान (2013), हरियाणा साहित्य अकादमी सम्मान (2012), महाराष्ट्र साहित्य अकादमी सम्मान (1995), भारतीय उच्चायोग लंदन का हरिवंशराय बच्चन सम्मान (2008) प्रमुख हैं।
 
तेजेन्द्र शर्मा लंबे समय तक एयर इंडिया में काम करने के बाद 1998 में ब्रिटेन में बस गए। उन्होंने दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ-साथ कुछ समय में भी काम किया। उन्होंने नाना पाटेकर के साथ सीमा कपूर की फिल्म 'अभय' में अभिनय किया। 
 
उनकी संस्था 'कथा यूके' हर साल ब्रिटिश संसद में किसी भारतीय लेखक को इंदु शर्मा अंतरराष्ट्रीय कथा सम्मान प्रदान करती है। इन दिनों वे ब्रिटिश रेलवे में काम करते हुए अपना नया उपन्यास लिखने में लगे हुए हैं।

 
 
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