भारतीयों की पहली पसंद है अमेरिका

वॉशिंगटन|



वॉशिंगटन। के हैं और अमेरिका में भारतीयों की संख्या बढ़ती जा रही है। एक अध्ययन में सामने आया है कि मैक्सिको, फेलिपिनो मूल के लोगों के बाद अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की संख्या सबसे ज्यादा है।

इस तरह अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों में भारतीय मूल के लोग तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। एनआरआई लोगों की पहली पसंद अमेरिका और ब्रिटेन ही होती है। अमेरिका में प्रवासी मामलों के संस्थान माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट का कहना है कि साल 1990 और 2000 के बीच अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी। हालांकि 2007-08 में चीन और हांगकांग के लोगों के पीछे छोड़ते हुए भारतीय मूल के लोग अमेरिका जाने वालों में अव्वल रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया और न्यूजर्सी में भारतीय मूल के लोग सबसे ज्यादा हैं। कैलिफॉर्निया में करीब 19 फीसदी आबादी भारतीय मूल के लोगों की है। आठ साल में कई अमेरिकी राज्यों में भारतीय मूल के लोगों की संख्या दोगुनी हो गई है।

रिपोर्ट से यह बात भी पता लगी है कि विदेशों में पैदा हुए भारतीय मूल के बच्चे अन्य समुदायों के बच्चों की तुलना में ज्यादा पढ़े लिखे होते हैं। औसतन तीन चौथाई भारतीय परिवारों के बच्चे ग्रेजुएट या और ऊंची पढ़ाई करते हैं। एक तिहाई भारतीय अमेरिकन इन्फॉर्मेशन टेक्नॉलजी सेक्टर में काम करते हैं। करीब 63 फीसदी भारतीय अंग्रेजी में माहिर हैं।
अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोग वहां से दूसरे देशों की तरफ भी गए हैं। ब्रिटेन, पूर्वी अफ्रीका, कनाडा और कैरेबियाई देश उनके पसंदीदा ठिकाने बन रहे हैं। हालांकि विश्व बैंक मानता है कि भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोग
बहुत ज्यादा है। अमेरिका में आगरा की आबादी से भी कम भारतीय रहते हैं।

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