Widgets Magazine

नोटबंदी : एनआरआई हैं तो यह करें...

Last Updated: बुधवार, 23 नवंबर 2016 (15:15 IST)
नोटबंदी का असर विदेशों में रह रहे अप्रवासी भारतीयों पर भी पड़ा है। लोगों ने सुझाव दिया है कि उनके देशों में स्थित भारतीय दूतावासों में पुराने अमान्य भारतीय नोटों को बदलने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
 
इंग्लैंड में रह रहे अप्रवासी भारतीयों ने प्रधानमंत्री मोदी से वहां नोट बदलने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को हालांकि अभी इस तरह का कोई निर्देश नहीं दिया गया है, जिसकी वजह से अप्रवासी भारतीय परेशान हो रहे हैं।
 
उधर चीन में भी रह रहे भारतीय कारोबारियों ने बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास से नोट बदलने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, लेकिन दूतावास अधिकारियों ने उन्हें भारत लौटने पर नोट बदलने की सलाह दी। चीन में न केवल बड़ी संख्या में भारतीय निवास करते हैं बल्कि कई ने तो भारत से जाकर वहां उद्योग भी स्थापित किए हैं।
 
एनआरआई यह कर सकते हैं : जो भारतीय देश से बाहर हों वह भारत में मौजूद अपने किसी व्यक्ति को अधिकार देकर 500 या 1000 के नोट जमा करा सकते हैं। आपकी ओर से अधिकृत किए गए व्यक्ति को पुराने नोटों, अधिकार पत्र और अपने आईडी प्रूफ के साथ बैंक की शाखा पर जाना होगा। यदि एनआरआई का एनआरओ खाता है तो उस खाते में पुराने नोट जमा कराने की सुविधा होगी।
  
यह भी खबर है कि विदेशी नागरिक और एनआरआई को जल्द ही इसकी इजाजत होगी कि वे संबंधित विदेशी बैंकों की ओर से जारी क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हुए विदेश से भारत में घरेलू यात्रा के लिए ट्रेन टिकट ऑनलाइन बुक करा सकें क्योंकि आईआरसीटीसी अंतरराष्ट्रीय लेनदेन के लिए अपनी प्रणाली में आवश्यक बदलाव कर रहा है। वर्तमान में विदेशी और एनआरआई अपने टिकट टूर ऑपरेटरों और यहां स्थित अपने रिश्तेदारों के जरिए बुक कराते हैं।
 
रेल मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक हमारा लक्ष्य विदेशी और एनआरआई को बिना किसी परेशानी के टिकट बुक करने की सुविधा प्रदान करना है तथा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। बौद्ध सर्किट ट्रेनें, ‘पैलेस ऑन व्हील’, ‘महाराजा’ जैसी लग्जरी सेवाएं तथा अन्य विशेष पर्यटन ट्रेनें विदेशियों में काफी लोकप्रिय हैं। टिकट आमतौर पर टूर ऑपरेटरों के जरिये ही बुक किए जाते आईआरसीटीसी साइट पर एक बार जरूरी प्रणाली शुरू हो जाने पर विदेशी लग्जरी ट्रेनों के अलावा नियमित सेवा के लिए ट्रेनों के टिकट बुक कर सकेंगे।

अमेरिका के पूर्व मंत्री ने की नोटबंदी की आलोचना : पीएम मोदी के नोटबंदी के फैसले की अमेरिका के पूर्व वित्त मंत्री लारेंस एच. समर्स ने तीखी आलोचना की है। उन्होंने लिखा है कि नोटबंदी से भारत में आम लोग प्रभावित हो रहे हैं और इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगेगा। समर्स ने कहा कि अमेरिका और यूरोप में बड़े नोटों को बंद करने के पीछे मैंने जो कारण दिया था वह गरीब भारत पर लागू नहीं होता। समर्स ने हार्वड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र की रिसर्च छात्रा नताशा सरीन के साथ एक ब्लॉग में यह बातें लिखी हैं।
 
उन्होंने लिखा कि हमारा मानना है कि अवैध तरह से पैसा कमाने वाले अपनी काली कमाई कैश के रूप में नहीं रखते हैं बल्कि वह पहले ही उसे विदेशी मुद्रा, सोना या किसी अन्य रूप में बदलवा लेते हैं। ब्लॉग में उन्होंने अव्यवस्था का कारण बने इस फैसले के लांग टर्म में फायदे पर भी संदेह जताया है। उनका मानना है कि इससे लोगों का सरकार पर से भरोसा उठ गया है। ब्लॉग में 1000 और 500 रुपए के नोट बंद करने की नाटकीय कार्रवाई पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा गया है कि यह दशकों में दुनिया में कहीं भी मुद्रा नीति में हुआ सबसे व्यापक बदलाव है। समर्स ने लिखा कि 500 रुपए का नोट करीब 7.30 डॉलर के बराबर होता है। वहीं अमेरिका का सबसे बड़ा 100 डॉलर का नोट वहां चंद लोगों के पास ही होता है।
 
नोटबंदी पर 
Widgets Magazine
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine