Widgets Magazine Widgets Magazine
Widgets Magazine
Widgets Magazine

दोस्तों की गोष्ठी की पहली वर्षगाँठ !!

 

 


एक बरस देखते ही यूँ  बीत गया,
कल ही की तो बात थी,
देस के दिल में बसे प्रदेश ने परदेस में
अपने हर-दिल अज़ीज़ों को सादर बुलाया,
और मित्रों ने बाहें फैलाकर सर्दी, बरफ को भुला दिया,
लिंकन सेंटर में ढोल धमाके का सिंहस्थ सज़ा दिया
कोनक्लेव में सहज, सरल, सत्कार ने सबके दिलों को छू लिया
अमेरिका और के दोस्तों को एक दूसरे से मिला दिया!
वक़्त गुजर जाता है, लगा था आप लौट कर फिर जल्दी आएँगे,
आप भी मसरूफ़ हो गए और शायद कुछ हम भी;
ये तो दोस्ती का रिश्ता है, पीढ़ी दर पीढ़ी का,
लिंकन सेंटर तो मैत्री का उद्गम अमरकंटक है,
दिलों की नर्मदा में स्नेह-घाट कई बाकी हैं!
कुंभ महापर्व हेतु नमन और श्रद्धा सम डुबकी,
स्मार्ट शहरों के चुनिंदा नामों में शामिल होने पर बहुत बधाई!!
 
- जीतेंद्र मुछाल
 (फ्रेंड्स ऑफ एम.पी. कोनक्लेव- लिंकन सेंटर,  न्यू यॉर्क, 1 फरवरी 2015 )
 
वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
Widgets Magazine
Widgets Magazine
Widgets Magazine Widgets Magazine
Widgets Magazine