सत्यम कम्प्यूटर के घोटाले से प्रभावित देश के शेयर बाजारों के आगामी सप्ताह भी दबाव में रहने की आशंका है। बीते सप्ताह उथल-पुथल भरे कारोबार में बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 552 अंक तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 174 अंक लुढ़क गया।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सत्यम का मामला तो बाजार में है ही, अमेरिका के शेयर बाजारों में भी बिकवाली है। इसे देखते हुए बाजार के दबाव में रहने की अधिक आशंका है।
दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोककुमार अग्रवाल मानते हैं कि आगामी सप्ताह अमेरिका के शेयर बाजारों की मंदी बाजार को अधिक प्रभावित कर सकती है। उनका कहना है सत्यम का असर काफी हद तक पिछले सप्ताह बाजार पर पड़ चुका है, किंतु इससे निवेशकों का विश्वास और डगमगाया है।
अग्रवाल के मुताबिक सत्यम कम्प्यूटर घोटाले के बाद निवेशकों का चिंतित होना स्वाभाविक है और वे कंपनियों के संचालन को लेकर आकलन करने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा रियल स्टेट की कंपनियों में फिलहाल काफी सतर्कता रखने की जरूरत है, लेकिन निवेशकों का रुझान टाटा, बिरला, इन्फोसिस टेक्नोलॉजीस और हिन्दुस्तान यूनीलीवर जैसी बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस जैसी कंपनियों की तरफ झुक सकता है।
बीते सप्ताह सत्यम कम्प्यूटर के घोटाले ने शेयर बाजारों को झकझोर दिया। बीएसई सेंसेक्स 551.75 अंक टूटकर 9406.47 अंक रह गया। निफ्टी 2873 अंक पर 173.75 अंक गिरा।
रिजर्व बैंक की ब्याज दरों और बैंकों के नकद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में कटौती तथा सरकार के दूसरे प्रोत्साहन पैकेज के बूते सप्ताह के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई, लेकिन सत्यम प्रकरण ने सब पर पानी फेर दिया। महँगाई की दर में लगातार नौंवें सप्ताह आई गिरावट भी सत्यम घोटाले में दब गई।
बीएसई का मिडकैप 270.39 अंक अर्थात 7.97 प्रतिशत के नुकसान से 3120.79 अंक रह गया। सत्यम कम्प्यूटर का शेयर घोटाले के सामने आने के बाद ढह गया। नौ जनवरी के कामकाज में यह 11.50 रुपए तक गिरने के बाद सप्ताह में कुल 86.57 प्रतिशत के भारी नुकसान से 23.85 रुपए रह गया।
हालाँकि सत्यम प्रकरण का सूचना प्रौद्योगिकी वर्ग की अग्रणी कंपनी टीसीएस की सेहत पर कोई असर नहीं दिखा और इसका शेयर 7.71 प्रतिशत के फायदे से 535.65 रुपए पर पहुँच गया।
कच्च तेल की कीमतों में गिरावट से शोधन मार्जिन गिरने की चिंता में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1151.05 रुपए पर 10.35 प्रतिशत लुढ़क गया। ओएनजीसी का शेयर 670.50 रुपए पर 1.40 प्रतिशत नीचे आया।
रियलिटी वर्ग की कंपनियों के शेयर पर बिकवाली का दबाव है। डीएलएफ का शेयर 27.61 प्रतिशत लुढ़ककर 217.60 रुपए रह गया। बैंकिंग वर्ग के शेयर भी बिकवाली के दबाव में दिखे। निजी वर्ग के अग्रणी आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 3.47 प्रतिशत लुढ़ककर 454.85 रुपए रह गया।
देश के अग्रणी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शेयर को 1215.90 रुपए पर 8.58 प्रतिशत का घाटा हुआ। एचडीएफसी बैंक भी 1012.30 रुपए पर नीचे आया।
ब्याज दरों में कमी से वाहनों की माँग बढ़ने की उम्मीद के बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 311.20 रुपए पर 8.26 प्रतिशत बढ़ गया। मारुति सुजूकी इंडिया के शेयर में 584.20 रुपए पर 7.59 प्रतिशत की बढ़त रही।
ऑटोमोबाइल वर्ग की अग्रणी कंपनी टाटा मोटर्स का शेयर कंपनी के संयंत्र में छह दिन की बंदी की खबरों के बीच 163.25 रुपए पर 6.90 प्रतिशत टूट गया। धातु कंपनियों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज 52.60 रुपए पर 5.99 प्रतिशत और स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 273.10 रुपए पर 0.67 प्रतिशत नीचा रहा।
टाटा स्टील में 214.50 रुपए पर 6.60 प्रतिशत का घाटा रहा। सीमेंट वर्ग में एसीसी 501.75 रुपए पर 1.66 प्रतिशत, अम्बूजा सीमेंट्स 71.95 रुपए पर 4.12 प्रतिशत, ग्रासिम इंडस्ट्रीज 1360.75 रुपए पर 12.31 प्रतिशत चढ़ गए।
एलएंडटी के शेयर को 720.10 रुपए पर 12.46 प्रतिशत का नुकसान हुआ। हिन्दुस्तान यूनीलीवर 263.50 रुपए पर साढ़े छह प्रतिशत का लाभ रहा, जबकि रैनबैक्सी लैबोरेटरीज 218.90 रुपए पर 12.53 प्रतिशत नीचे आया। |