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इस सप्ताह भी खुश रहेंगे शेयर बाजार
अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती दूर करने के लिए सरकार के दूसरे प्रोत्साहन पैकेज और भारतीय रिजर्व बैंक के आक्रामक तरीके से रेपो, रिवर्स रेपो और सीआरआर में कटौती के बूते देश के शेयर बाजारों का ‘मूड’ इस सप्ताह अच्छा नजर आ रहा है। विश्लेषक बाजार में मजबूती का माहौल बना रहने की उम्मीद व्यक्त कर रहे हैं।

बीते सप्ताह साझा कोषों और अन्य की लिवाली से शेयर बाजारों ने अच्छी दौड़ लगाई। मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) के सेंसेक्स में 629 अंक तथा राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) में 190 अंक की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 09 अंत तक 12000 पर होगा।

शनिवार को रिजर्व बैंक ने अल्पकालिक ब्याज दरों रेपो और रिवर्स रेपो दर में एक-एक प्रतिशत की कटौती की है। इसके अलावा बैंकों के नकद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आधा प्रतिशत कमी की गई है। अल्पकालिक ब्याज दरों में कटौती तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है, जबकि सीआरआर में कमी 17 जनवरी से प्रभावी होगी। सीआरआर में कटौती से बैंकिंग तंत्र में 200 अरब रुपए की तरलता और बढ़ जाएगी।

दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल का मानना है कि प्रोत्साहन पैकेज से बैंक और बुनियादी क्षेत्र के साथ-साथ वाहन कम्पनियों के शेयरों को अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद है। सीमेंट और इस्पात कम्पनियों के लिए भी पैकेज सकारात्मक नजर आ रहा है।

देश को भारी वित्तीय घाटे का अनुमान : भारतीय रिजर्व बैंक की अब से कुछ माह पहले सबसे बड़ी चिंता महँगाई में निरंतर गिरावट आ रही है। पिछले आठ सप्ताह से गिरती हुई महँगाई की दर 20 दिसम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में 6.38 प्रतिशत रह गई। पिछले साल नौ अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में महँगाई सोलह साल के उच्चतम स्तर 12.91 प्रतिशत पर पहुँच गई थी।

मुम्बई शेयर बाजार में पिछले करीब एक माह से विदेशी संस्थागत निवेशक कुछ सक्रिय से नजर आ रहे हैं। नए वर्ष के पहले दो कारोबारी दिवसों में इनका रुख सकारात्मक रहा है। दिसम्बर-08 में भी विदेशी संस्थानों ने 1319.10 करोड़ रुपए का निवेश किया। हालाँकि वर्ष 2008 में विदेशी संस्थानों ने 52 हजार 998 करोड़ 70 लाख रुपए की शुद्ध निकासी की, जबकि इससे पहले साल यह 71 हजार 486 करोड़ 50 लाख रुपए के शुद्ध लिवाल रहे थे।

दूसरा आर्थिक पैकेज घोषित : बीते सप्ताह सेंसेक्स शुक्रवार को कारोबार के दौरान दस हजार अंक से ऊपर निकलने के बाद 9,958.22 अंक पर बंद हुआ। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में कुल 629.30 अंक अर्थात पौने सात प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एनएसई का निफ्टी 189.50 अंक अर्थात 6.63 प्रतिशत के लाभ से 3,046.75 अंक पर पहुँच गया।

हालाँकि गुरुवार को नवंबर माह के आए निर्यात आँकड़ों में लगातार दूसरे माह गिरावट का रुख रहा। नवम्बर में निर्यात 9.9 प्रतिशत गिरा। इससे पहले अक्टूबर में निर्यात में वर्ष 2001 के बाद पहली बार गिरावट आई थी।

प्रमुख दरों में कमी : बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप और स्मॉलकैप में क्रमशः 9.16 तथा 9.07 प्रतिशत की बढ़त रही। बैंक, अचल सम्पत्ति, धातु, आईटी और वाहन सूचकांक ने भी अच्छी दौड़ लगाई, जबकि अचल संपत्ति सूचकांक को 12.34 प्रतिशत का झटका लगा। वर्ष 2008 के दौरान सेंसेक्स में 10640 अंक की भारी गिरावट आई।

सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में शामिल सर्वाधिक भारांक रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 5.93 प्रतिशत की तेजी आई। कंपनी का शेयर 1,283.90 रुपए पर पहुँच गया। निजी क्षेत्र के दूसरे अग्रणी बैंक आईसीआईसीआई बैंक में 12.74 प्रतिशत की जोरदार तेजी आई। वर्ष 2008 की अंतिम तिमाही में बैंक अमेरिका के सबप्राइम संकट को लेकर काफी चर्चा में रहा।

‘आईटी’ के लिए शुभ नहीं होगा 2009 : आईटी वर्ग की चौथी बड़ी कम्पनी सत्यम कम्प्यूटर्स का शेयर विवादों के बावजूद बीते सप्ताह 31.2 प्रतिशत की जोरदार छलांग लगाकर 177.55 रुपए पर पहुँच गया। कम्पनी के बोर्ड की बैठक दस जनवरी को होना है, जिसमें कम्पनी संचालन के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।

जीएसएम आधारित राष्ट्रीय मोबाइल फोन सेवा शुरू करने के समाचारों के बीच आरकॉम का शेयर 22.12 प्रतिशत बढ़कर 250.35 रुपए पर पहुँच गया। अच्छे ऑर्डरों की खबरों के मध्यम भेल के शेयर ने 1408.25 रुपए पर 8.31 प्रतिशत की छलांग लगाई। इंफोसिस टेक्नोलॉजी, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसलटेंसी, एसबीआई और विप्रो के शेयर भी बीते सप्ताह सेंसेक्स में शामिल शेयरों में अच्छी बढ़त पाने में सफल रहे।
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