देश के शेयर बाजारों में सप्ताहांत आई तेजी का सिलसिला आगामी सप्ताह भी जारी रहने की अधिक संभावना है। गत सप्ताह सेंसेक्स अंतिम कारोबारी दिवस में चार सौ अंक से अधिक की छलांग लगाने के बावजूद 470 अंक नीचे रहा। निफ्टी भी 117 अंक टूटा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि बाजार का मूड अच्छा नजर आ रहा है और यदि कोई बड़ी हलचल नहीं हुई तो आगामी सप्ताह बाजार को दौड़ना चाहिए।
दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपीटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल मानते हैं कि बाजार में तेजी रहनी चाहिए। उनका कहना है कि बाजार काफी टूट चुका है और ऐसे में संभलकर निवेश किया जाए तो फायदे का सौदा हो सकता है। वे वर्तमान भावों पर बिकवाली के पक्ष में नहीं हैं।
हालाँकि अग्रवाल रियलिटी कंपनियों को लेकर पूरी सतर्कता बरतने की सलाह देते हैं। वे कहते हैं कि इस क्षेत्र की स्थिति को संभलने में बहुत वक्त लगेगा, इसलिए निवेशक को पूरी जाँच पड़ताल के बाद ही निवेश की दिशा में कदम उठाना चाहिए। 14 नवम्बर को समाप्त सप्ताह में शेयर बाजारों में छह सप्ताह से चली आ रही गिरावट थमी थी, किंतु पिछले हफ्ते स्थिति फिर पलट गई। वैश्विक वित्त संकट और मंदी की चिंता में कच्चे तेल के दामों में गिरावट और मुद्रास्फीति की दर के नीचे आने की खबरों का भी बाजार को फायदा नहीं मिला।
सेंसेक्स 470.21 अंक के नुकसान से 8915.21 अंक पर बंद हुआ। एनएसई के निफ्टी को 2693.45 अंक पर 116.90 अंक का झटका लगा।
सप्ताह के पहले चार कारोबारी दिवसों में बाजार टूटता रहा और शुक्रवार को सात कामकाज दिनों के बाद पहली बार बाजार कुछ संभला। सप्ताह के दौरान मिडकैप और स्मालकैप की कंपनियों पर बिकवाली का डंडा अधिक चला। बीएसई स्मालकैप 299.421 अंक के नुकसान से 2916.66 अंक रह गया। स्मालकैप में 3390.76 अंक पर 374.29 अंकों की गिरावट आई।
इस वर्ष सेंसेक्स 56.05 प्रतिशत अर्थात 11371.78 अंक टूट चुका है। वर्ष 2007 की समाप्ति पर सेंसेक्स 20286.99 अंक था। दस जनवरी की रिकॉर्ड ऊँचाई 21206.77 अंक से तुलना की जाए तो सेंसेक्स 57.96 अंक अर्थात 12291.77 अंक लुढ़क चुका है।
सप्ताह के दौरान अमेरिका समेत विश्व के अन्य प्रमुख शेयर बाजारों की खबरें भी खराब रहीं। एशियाई शेयर बाजार भी लुढ़के।
सेंसेक्स से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में धातु, आईटी, तेल और बैंकिंग क्षेत्र की बिकवाली के निशाने पर अधिक रहीं। सूचना प्रौद्योगिकी वर्ग की दूसरी बड़ी कंपनी इन्फोसिस का शेयर रुपए में रिकॉर्ड गिरावट के बावजूद अमेरिकी मंदी की चिंता में 2.72 प्रतिशत टूटकर 1184.74 रुपए रह गया। विप्रो के शेयर में 229.80 रुपए पर 4.61 प्रतिशत और सत्यम कम्प्यूटर में 240.60 रुपए पर 8.05 प्रतिशत की गिरावट आई। इस वर्ग की अग्रणी टीसीएस का शेयर 506.55 रुपए पर 4.32 प्रतिशत नीचे आया।
धातु कंपनियों में मंदी के कारण माँग में कमी आने की आशंका का असर दिखा। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज का शेयर 8.30 प्रतिशत के नुकसान से 51.90 रुपए रह गया। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज में 218.75 रुपए पर 3.72 प्रतिशत और टाटा स्टील में 160.05 रुपए पर 7.62 प्रतिशत की गिरावट आई।
यात्री कार वर्ग की अग्रणी मारुति सुजुकी के शेयर को 511.35 रुपए पर 4.71 प्रतिशत का झटका लगा। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा 309.25 रुपए पर 6.49 प्रतिशत और टाटा मोटर्स 133.60 रुपए पर 2.45 प्रतिशत नीचे रहा।
एचडीएफसी बैंक का शेयर 15.31 प्रतिशत की गिरावट से 856.70 रुपए रह गया। आईसीआईसीआई बैंक को 335.55 रुपए पर सवा पंद्रह प्रतिशत का चूना लगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.85 प्रतिशत नुकसान से 1127.35 रुपए रह गया। |