बीता हफ्ता शेयर बाजारों के लिए उपलब्धियोंभरा रहा। सेंसेक्स ने 20 हजार और निफ्टी ने छह हजार का आँकड़ा पार कर बंद होने की सफलता अर्जित की।
स्मालकैप और मिडकैप खंड में जबरदस्त प्रदर्शन की बदौलत बाजार का रूख काफी मजबूत रहा। निवेशकों ने अपना ध्यान इन खंडों पर केन्द्रित किया। स्मालकैप और मिडकैप खंड के इंडेक्स नई ऊँचाइयों पर बंद हुए।
विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से हालाँकि चुनिंदा अग्रणी शेयरों पर दबाव रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मजबूती के रूख को परिलक्षित करता सेंसेक्स 20 हजार के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 10,030.83 पर बंद हुआ जो 64.83 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है। पिछले सप्ताहांत यह 19 966 अंक था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 6185.40 के उच्चतम स्तर पर जाने के बाद अंतत: 6047.70 पर बंद हुआ। इससे पहले सप्ताहांत यह 5974.30 पर बंद हुआ था।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंक की कमी करने का बाजार धारणा पर असर पड़ा। औद्योगिक उत्पादन इंडेक्स के अक्तूबर में 11.8 प्रतिशत पर रहने से भी बाजार उत्साहित रहा।
फार्मा रीयल इस्टेट धातु उपभोक्ता माल जैसे शेयरों में अच्छी लिवाली हुई। आईटी, बिजली और पूँजी खंड के शेयरों को झटका लगा।
माकपा महासचिव प्रकाश कारत की सरकार गिराने संबंधी धमकी का भी बाजार पर असर देखने को मिला।
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान बीएसई और एनएसई में कारोबार का आकार अपेक्षाकृत कम यानी क्रमश: 44,955 करोड़ रुपये और 98,561 करोड़ रुपए रहा।
सप्ताह के दौरान कलकत्ता स्टाक एक्सचेंज में मजबूती देखने को मिली और सेंसेक्स 111 अंक तेज हुआ, हालाँकि कारोबारी गतिविधियों में उतार चढ़ाव देखने को मिला।
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