अमेरिका के फेडरल रिजर्व के आगामी मंगलवार को ब्याज दरों में कटौती करने की संभावना को देखते हुए देश के शेयर बाजारों में इस सप्ताह की तेजी के अगले हफ्ते भी बने रहने की उम्मीद है।
अमेरिका के निजी क्षेत्र में नवंबर के रोजगार के अच्छे आँकड़े आने से मंदी को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे अमेरिकी फेडरल की ब्याज दरों में कटौती की अटकलें लगाई जा रही हैं।
यदि ऐसा होता है तो भारत में विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से पूँजी प्रवाह बढ़ेगा और शेयर बाजारों में तेजी का रुख बरकरार रहेगा। इन निवेशकों ने अक्तूबर में शेयर बाजारों में 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक लगाए हैं।
मुद्रास्फीति के भी तीन प्रतिशत के बिल्कुल नजदीक आ जाने से महँगाई को लेकर चिंता कम हुई है। इससे भी बाजार को समर्थन मिलने के आसार हैं।
अलबत्ता भारत अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर राजनीतिक मतभेद गहरा जाने की स्थिति में उससे बाजार प्रभावित होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
बीएसई में पाँच कारोबारी दिनों में से चार में बढ़त रही। उसके संवेदी सूचकांक में करीब 603 अंक की बढ़ोतरी हुई। सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान एक बार फिर से 20 हजार के आँकड़े को पार किया। इसी तरह एनएसई के निफ्टी सूचकांक ने छह हजार अंक को लाँघा। हालाँकि दोनों सूचकांक कारोबार की समाप्ति पर फिर से इन अंकों से नीचे आ गए।
बीएसई में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को धातु, ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों को मिले समर्थन से देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताहांत आई जोरदार तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 240.22 अंक और निफ्टी 102.25 अंक ऊँचा बंद हुआ।
अगले दिन संसद में भारत-अमेरिका परमाणु करार पर चर्चा को लेकर देश के शेयर बाजारों में सतर्कता भरे कारोबार में पिछले दो दिनों से चली आ रही भारी तेजी को ब्रेक लगा। सेंसेक्स 74 अंक और निफ्टी सात अंक नीचा रहा।
विश्व बाजारों से मिले तेजी के समाचारों के बीच अच्छी लिवाली का जोर रहने से देश के शेयर बाजार बुधवार को फिर अपने रंग में दिखे। फार्मा, तेल एवं गैस, बैंकिंग और टिकाऊ उपभोक्ता सामान की कंपनियों के शेयरों को मिले समर्थन से सेंसेक्स 209 और निफ्टी 82 अंक चढ़ गए।
गुरुवार को विदेशों से मजबूती के समाचार आने से देश के शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन तेजी रही। सेंसेक्स 11 कारोबारी दिवसों के बाद 20 हजार अंक का आँकड़ा पार करने के बाद फिसला और कुल 58 अंक की बढ़त से 19795.87 और निफ्टी 15 अंक ऊँचा बंद हुआ। निफ्टी भी करीब एक माह के बाद सत्र के दौरान 6000 अंक को पार करने के बाद समाप्ति पर कुल 14.70 अंक बढ़कर 5940.70 अंक पर पहुँच गया।
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन देश के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी, टेक्नोलॉजी, बैंकिंग और रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों को मिले अच्छे समर्थन से लगातार तीसरे दिन बढ़त रही। एशिया और विश्व के कुछ अन्य बाजारों से मजबूती के समाचार मिलने से सेंसेक्स गुरुवार के 19795.87 अंक की तुलना में करीब 250 अंक बढ़ कर 20063.50 अंक पर खुला। निफ्टी भी 5963.60 अंक पर खुलने के बाद कारोबार के दौरान 6042.10 अंक की रिकॉर्ड ऊँचाई तक गया।
मुद्रास्फीति के नवीनतम आँकड़ों में इसके तीन प्रतिशत के आसपास आ जाने से बाजार में लिवाली को बढ़ावा मिला। सेंसेक्स ऊँचे में 20094.56 अंक तक चला गया। बाद में रिलायंस, हिंडाल्को जैसी वजनदार कंपनियों और सीमेंट फर्मों के शेयर में भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स 19706.43 अंक तक नीचे आ गया।
कारोबार की समाप्ति पर सेंसेक्स 170.13 अंक चढ़कर 19966 अंक पर बंद हुआ। इस तरह सेंसेक्स में करीब 388 अंक का उतार-चढ़ाव रहा। निफ्टी सर्वकालिक ऊँचाई को छूने के बाद 19.60 अंक ऊपर 5974.30 अंक पर बंद हुआ।
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