-शैलेंद्र कोठारी
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों एवं प्रमुख खिलाड़ियों द्वारा की जा रही जोरदार खरीदी के सहारे निफ्टी 184 प्वॉइंट्स उछलकर रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गया। तूफानी तरीके से जारी इस बढ़त की गूँज सेबी एवं वित्त मंत्रालय तक भी पहुँच गई।
हालाँकि वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने हमेशा की तरह इस तेजी को स्वाभाविक बताया है, लेकिन निवेशकों को पूरी जानकारी रखते हुए निवेश करने की सलाह दी है। कुछ प्रमुख फंड मैनेजरों का मानना है कि बाजार दिसंबर तक और ऊँचाई पर जा सकता है, किंतु अभी तकनीकी करेक्शन की गुंजाइश बनी हुई है। निष्कर्ष यह है कि निफ्टी में 200-250 प्वॉइंट्स तक की गिरावट आने पर पॉवर, फर्टिलाइजर्स, बैंकिंग-फाइनेंस, रिफाइनरी, ऑइल मार्केटिंग, सीमेंट, स्टील एवं रिलायंस समूह के शेयर्स खरीदी के लिए आकर्षक हो जाएँगे।
व्यवसायियों का कहना है कि इस सप्ताह की बढ़त में शॉर्ट कवरिंग का भी मुख्य योगदान रहा है। इस तथ्य की पुष्टि इस बात से होती है कि फ्यूचर की 118 कंपनियों के भाव इस सप्ताह बढ़े हैं जबकि सभी में ओपन इंटरेस्ट की मात्रा घटी है यानी पहले से ही खरीदी कर रहे तेजड़ियों ने अनुकूल माहौल देखकर करेक्शन ही नहीं आने दिया है।
बहरहाल समय-समय पर आने वाले तकनीकी करेक्शन की बात छोड़ दी जाए तो इस सप्ताह अनेक काउंटरों पर हुए कामकाज से स्पष्ट संकेत मिल गए हैं कि प्रमुख खिलाड़ी भाव की चिंता किए बिना बड़ी मात्रा में खरीदी कर रहे हैं। परिणामस्वरूप मध्यम अवधि की तकनीकी स्थिति के हिसाब से तो तेजी की अति हो रही है, किंतु दीर्घावधि नजरिए से अच्छे संकेत भी मिल रहे हैं।
प्राइमरी मार्केट में मेटस इंफ्रा लि. का इश्यू 27 सितंबर को खुल चुका है। शुरुआती दो दिनों में इश्यू 67 प्रतिशत भराया है। इश्यू 4 अक्टूबर को बंद होगा। कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट क्षेत्र की इस कंपनी के प्रमोटर्स सत्यम कम्प्यूटर के भी प्रमोटर्स हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से कंपनी का कामकाज एवं मुनाफा तेजी से बढ़ रहा है तथा कंपनी की ऑर्डर बुक भी काफी मजबूत है अर्थात बेहतर भविष्य की संभावनाएँ भी मौजूद हैं। सत्यम कम्प्यूटर्स के ट्रेक रिकॉर्ड को देखते हुए उम्मीद की जा सकती है कि निवेशकों को इस इश्यू में भी अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालाँकि मध्यम-अवधि रिटेल इन्वेस्टर्स संस्थागत निवेशकों का रिस्पांस देखकर ही इश्यू लगाने या न लगाने संबंधी निर्णय लें तो ठीक रहेगा।
एक असामान्य घटनाक्रम के तहत धनुस टेक्नालॉजिस लि. को सेबी ने निर्देश दिए हैं कि कंपनी अलॉटमेंट फाइनल करने के पहले निवेशकों को एप्लीकेशन वापस लेने का ऑप्शन दे। कंपनी ने पब्लिक नोटिस के जरिए संस्थागत एवं रिटेल निवेशकों को इश्यू से विद्ड्रा करने के लिए 6 अक्टूबर 2007 तक का समय दिया है। निवेशक स्पीड पोस्ट एवं कूरियर के जरिए अपना पूरा रुपया वापस लेने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
इस संबंध में कंपनी के रजिस्ट्रार केमियो कॉर्पोरेट सर्विसेस, चेन्नई ने यह भी सूचित किया है कि निवेशक डाक के अलावा फैक्स या फिर ई-मेल के जरिए भी एप्लीकेशन विद्ड्रा कर सकते हैं। ई-मेल प्रक्रिया में रिक्वेस्ट लेटर को स्केन कराकर भेजना जरूरी है। पॉवर ग्रिड के अलॉटमेंट फाइनल हो चुके हैं तथा अगले कुछ दिनों में लिस्टिंग होने वाली हैं। निवेशकों को उम्मीद से ज्यादा लिस्ंिटग गेन मिल सकता है, क्योंकि इश्यू बंद होने के बाद बाजार का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। वैसे अधिकांश निवेशक पॉवर ग्रिड के शेयर को अपने पोर्टफोलियो में रखे रखने के पक्ष में हैं।
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