पिछले तीन सप्ताह से जोरदार बढ़त बनाए हुए देश के शेयर बाजारों में आगामी हफ्ते उतार-चढ़ाव की अधिक संभावना है।
सात सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 271.82 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 46 अंक ऊपर बंद हुआ।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका के शेयर बाजारों में सप्ताहांत आई गिरावट का असर सोमवार को यहाँ बाजार खुलने पर होने की आशंका है। विश्लेषक तकनीकी सुधार से भी इनकार नहीं कर रहे हैं।
ग्लोब कैपीटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख और दिल्ली शेयर बाजार के प्रमुख अशोक अग्रवाल की राय में नैस्डाक और एसऐंडपी 500 समेत अमेरिका के शेयर बाजारों में शुक्रवार को आई गिरावट का असर सोमवार के कामकाज पर देखने को मिल सकता है।
अग्रवाल का कहना है कि बाजार में हाल की तेजी के बाद तकनीकी सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। उनका कहना है कि अर्थव्यवस्था को देखते हुए शेयर बाजारों की मजबूती को लेकर कोई शंका नहीं है, किंतु उतार-चढ़ाव का दौर बना रह सकता है।
वह मानते हैं कि जोरदार आर्थिक विकास दर, मुद्रास्फीति में उतार और विदेशी संस्थागत निवेशकों का फिर से सक्रिय होना बाजार के लिए अच्छा संकेत है।
सात सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में सेंसेक्स ऊँचे में 15716.06 अंक और नीचे में 15323.05 अंक तक गिरने के बाद सप्ताहांत कुल 271.82 अंक अर्थात 1.77 प्रतिशत बढ़कर 15590.42 अंक पर बंद हुआ।
पिछले तीन सप्ताह के दौरान सेंसेक्स सवा दस प्रतिशत अर्थात 1448.89 अंक की छलांग लगा चुका है। एनएसई का निफ्टी 1.02 प्रतिशत अर्थात 45.50 अंक बढ़कर 4509.50 अंक पर पहुँच गया।
सेंसेक्स के अलावा बीएसई के मिडकैप में सप्ताह के दौरान 3.68 प्रतिशत और स्मॉल कैप में 4.63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इंजीनियरिंग सूचकांक 1.4, आईटी 1.61 और रिएलटी 3.16 अंक ऊपर बंद हुए।
अगस्त के दौरान बिकवाली पर उतारू विदेशी संस्थानों ने सप्ताह के दौरान काफी सक्रियता दिखाई और शुक्रवार के प्रारंभिक आँकड़ों को मिलाकर इनका निवेश 2576 करोड़ रुपए का रहा। साझा कोषों ने बीते सप्ताह के पहले चार कारोबारी दिवसों में 353 करोड़ 80 लाख रुपए की शुद्ध खरीदारी की।
मुद्रास्फीति की दर खाद्य वस्तुओं में आई गिरावट से 25 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में करीब डेढ़ वर्ष के न्यूनतम स्तर 3.79 प्रतिशत रह गई।
बीते सप्ताह के पहले कारोबारी दिवस में विदेशी शेयर बाजारों की तेजी को देखते हुए यहाँ भी अच्छी मजबूती देखी गई। सेंसेक्स 103.45 अंक बढ़ा। मंगलवार को भी यह सिलसिला बना रहा, किंतु बुधवार को आठ दिन से चली आ रही तेजी का क्रम टूटा और सेंसेक्स में 19.25 अंक की हल्की गिरावट देखी गई।
गुरुवार को विदेशी शेयर बाजारों की तेजी को देखते हुए सेंसेक्स ने 170 अंक की छलांग लगाई और शुक्रवार को इसमें फिर 26 अंक की हल्की गिरावट आई।
सप्ताह के दौरान हीरो होंडा मोटर्स, मारुति उद्योग, एसीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टीसीएस, रिलायंस एनर्जी, रैनबैक्सी लैब, इन्फोसिस टेकनोलॉजीस, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक में तेजी रही, जबकि महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा, टाटा मोटर्स और बजाज आटो घाटे में बंद हुए।
मुद्रास्फीति के अलावा बीते सप्ताह जुलाई के लिए जारी निर्यात आँकड़ों में पिछले साल की इसी माह के 10 अरब 54 करोड़ डॉलर की तुलना में 18.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 12 अरब 49 करोड़ डॉलर पर पहुँच गया। प्रत्यक्ष कर की शुद्ध प्राप्ति 42 प्रतिशत बढ़कर चालू वित्तवर्ष में अप्रैल-अगस्त के पाँच माह में पिछले साल की इसी अवधि के 42 हजार 980 करोड़ रुपए की तुलना में 61 हजार 30 करोड़ रुपए पर पहुँच गई।
अमेरिका के साथ परमाणु संधि को लेकर उठा बवाल भी केन्द्र के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और वाम दलों के बीच विदेशी मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में 15 सदस्यों की समिति बन जाने के बाद भी काफी हद तक शांत हो गया। समिति की पहली बैठक अगले सप्ताह होने की संभावना है।
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