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शेयर बाजारों में तेजी का दौर जारी
भारत के साथ-साथ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जल्द सुधार होने के संकेतों के बीच बाजार धारणा सुधरने लगी तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों की लिवाली और सटोरियों की शार्ट कवरिंग से एक मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देशभर के शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखने को मिला और सेंसेक्स तेजी दर्शाते बंद हुए।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार विदेशी निधियों की सतत लिवाली के कारण बाजार में अगले सप्ताह तेजी देखने को मिल सकती है, लेकिन आम चुनावों के बाद राजनीतिक अनिश्चितता की आशंका के कारण कारोबार प्रभावित हो सकता है।

बंबई शेयर बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अप्रैल अनुबंध के आखिरी दिन कारोबारियों की भारी शार्ट कवरिंग से सेंसेक्स साढ़े छह महीने के उच्चतम स्तर 11,403.25 अंक पर बंद हुआ।

बंबई शेयर बाजार और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज 30 अप्रैल और एक मई को क्रमश: लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र दिवस के कारण बंद रहे। अमेरिकी और भारतीय अर्थव्यवस्था में जल्द सुधार की उम्मीद ने बाजार धारणा में सुधार उत्पन्न किया।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जहाँ सतत लिवाली का रुख अपनाया, वहीं सटोरियों को या तो शार्ट कवरिंग करते देखा गया या वे अपने सौदों को आगे ले गए। यहाँ 29 अप्रैल को कारोबार का आखिरी दिन था।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सप्ताह के दौरान 2031.03 करोड़ रुपए के सौदों की शुद्ध लिवाली की, जबकि घरेलू निधियों ने इसी अवधि में 800.59 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 11492.10 और 10961.76 के दायरे में घूमने के बाद सप्ताहांत में 74.20 अंकों की तेजी के साथ 11,403.25 पर बंद हुआ। आठ सप्ताह की तेजी के दौरान सेंसेक्स में 3077.43 अंक अथवा 36.96 प्रतिशत की तेजी आई है।

50 शेयरों पर आधारित नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी में सात सप्ताह से चली आ रही तेजी थम गई और यह 6.80 अंक अथवा 0.20 प्रतिशत नरम होकर सप्ताहांत में 3473.95 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जल्द सुधार होने की उम्मीद से आईटी शेयरों में लिवाली दिलचस्पी बढ़ गई, क्योंकि भारतीय साफ्टवेअर कंपनियों को अपने राजस्व के 50 प्रतिशत से भी अधिक भाग की प्राप्ति अमेरिका से होती है।

भारत के तीसरे विशालतम साफ्टवेयर सेवा निर्यातक कंपनी विप्रो ने सप्ताह के दौरान अपने शेयरों में 13.71 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों को समर्थन प्राप्त हुआ।

देश के निजी क्षेत्र के दूसरे उधारदाता बैंक आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों की खूब माँग रही और सेंसेक्स के शेयरों में सबसे अधिक लाभ में रहा जब साख निर्धारक एजेंसी गोल्डमैन साक्स ने बैंक के सुधरते बुनियाद की ओर संकेत किया।

मौसम विभाग द्वारा लगभग सामान्य मानसून की भविष्यवाणी और कुछ प्रमुख निगमित कंपनियों के उम्मीद से बेहतर कार्यपरिणामों की घोषणा से भी बाजार धारणा की तेजी को बल मिला।

समीक्षाधीन सप्ताह में वैसे तो मुद्रास्फीति दर में मामूली बढ़त के साथ यह 0.57 प्रतिशत हो गई लेकिन यह अभी भी तीन दशक के निचले स्तर पर है। इस स्थिति ने कारोबारी धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।
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