-वेबदुनिया डेस्क रुपए में लगातार गिरावट आ रही है। गुरुवार को मुद्रा बाजार के शुरुआती कारोबार में रुपया 49.50 से नीचे पहुँच गया। एशियाई बाजारों में जोरदार गिरावट को देखते हुए ट्रेडर्स में कैपिटल आउटफ्लो का डर है और इस बात की भी संभावना है कि रुपया और नीचे जा सकता है।
एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट थम नहीं रही है, जिससे कैपिटल आउटफ्लो का खतरा बढ़ता जा रहा है। बुधवार को आरबीआई ने घरेलू फर्मों द्वारा की जाने वाली ओवरसीज बॉरोइंग पर सीलिंग को 100 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 500 मिलियन डॉलर करने की घोषणा की थी। इसके पीछे आरबीआई का मकसद कैपिटल इंफ्लो को आकर्षित करना था।
हालाँकि उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई के कदम से इस स्थिति पर नियंत्रण किया जा सकता है। बुधवार को रुपया 0.5 चढ़कर 49.28/29 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
डीलर्स का मानना है कि मंदी में आरबीआई की ओर से उठाए गए ये कदम कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाएँगे, लेकिन इतना जरूर है कि लगातार कमजोर होते रुपए पर थोड़ी लगाम जरूर कस सकती है। फिर भी इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि गुरुवार को रुपया एक नया निचला स्तर बना सकता है। |