वैश्विक वित्त संकट से विश्व में मंदी की आशंका के बीच चौतरफा बिकवाली की आँधी में आज देश के शेयर बाजार उड़ गए। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 725 अंक की जोरदार गिरावट से 19 सितम्बर 2006 के बाद पहली बार 12 हजार अंक से नीचे चला गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने 216 अंक का गोता लगाया।अमेरिका के वित्तीय संकट से राहत के लिए 700 अरब डॉलर के पैकेज को मंजूरी का शेयर बाजारों पर कोई असर नहीं दिखा। चौतरफा घबराहपूर्ण बिकवाली रही और पूरे सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी टूटते रहे।एशियाई शेयर बाजारों का भी बुरा हाल था। एक सप्ताह के राष्ट्रीय अवकाश के बाद खुला चीन का शेयर बाजार बिकवाली के दबाव में रहा। शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 5.23 प्रश्तिात के नुकसान से 2173.738 अंक रह गया। जापान का निक्केई साढे़ चार वर्ष के न्यूनतम 10473.09 अंक पर बंद हुआ। इसमें 465.05 अंक का नुकसान हुआ। बीएसई का सेंसेक्स शुक्रवार के 12526.32 अंक की तुलना में 12284.49 अंक पर 242 अंक नीचा खुला और इससे ऊपर की तरफ नहीं देख पाया। ताबड़तोड़ बिकवाली के बीच नीचे में 11732.97 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर सेंसेक्स 724.62 अंक अर्थात 5.78 प्रतिशत के नुकसान से 11801.70 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स का यह स्तर 19 सितम्बर 2006 के 11970.47 अंक के बाद का निम्नतम है। एनएसई का निफ्टी 215.05 अंक अर्थात 5.66 प्रतिशत के नुकसान से 3602.35 अंक रह गया। एशिया के अन्य बाजारों का भी बुरा हाल था। कोरिया कम्पोजिट सूचकांक 4.29 प्रतिशत के नुकसान से 1358.75 अंक रह गया। जनवरी 2007 के बाद यह इसका निम्न स्तर था। हांगकांग का हैंगसैंग पाँच प्रतिशत टूटकर पिछले दो वर्ष में पहली बार 17 हजार अंक से नीचे चला गया। ब्रिटेन के शेयर बाजारों की स्थिति भी खराब रही। ब्रिटेन का मुख्य सूचकांक एफटीएसई 100 सूचकांक 233 अंक के नुकसान से 4749 अंक पर खुला। ब्रिटेन में बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में बिकवाली का अधिक दबाब नजर आया। हालाँकि कच्चे तेल की कीमतें आठ माह के बाद पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आए, किंतु वैश्विक मंदी की आशंका ने इस सकारात्मक खबर का भी असर नहीं दिखाया। बाजार विशलेषकों का कहना है कि शेयर बाजारों में यह दहशत बनी हुई है कि विदेशी संस्थागत तेजी से अपना धन निकाल सकते हैं, जो बाजार पर भारी पड़ रहा है। बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप में 7.13 प्रतिशत की गिरावट रही। इसका सूचकांक 333.57 अंक गिरकर 4344.23 अंक रह गया। स्मॉलकैप 378.47 अंक अर्थात 6.92 प्रतिशत के नुकसान से 5086.93 अंक पर बंद हुआ। बिकवाली का दबाव इतना अधिक का था बीएसई में किसी भी वर्ग के सूचकांक को बढत नहीं मिल पाई। कंज्यूमर ड्यूरेबल वर्ग का सूचकांक 11.01 प्रतिशत अर्थात 318.06 अंक के नुकसान से 2569.60 अंक रह गया। रीयलटी सूचकांक ने 9.91 प्रतिशत अर्थात 329.86 अंक की डुबकी लगाई। धातु सूचकांक 9.27 प्रतिशत टूटा। कैपीटल गुड्स और पावर को सात-सात प्रतिशत से अधिक का झटका लगा।निफ्टी मिडकैप सात प्रतिशत टूटकर 1622.40 अंक रह गया। निफ्टी बैंक में 5560.55 अंक पर 4.02 प्रतिशत की गिरावट आई। यूएस लाईट क्रूड की कीमत इस वर्ष फरवरी के बाद पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बोली गई। नवम्बर माह के लिए सौदों में यह नीचे में 89.07 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। ग्यारह जुलाई के 147.27 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड भावों से तुलना की जाए तो कच्चा तेल 40 प्रतिशत तक टूट चुका है।सेंसेक्स में शामिल सभी तीस कंपनियों के शेयरों को झटका लगा। बीएसई में कारोबार के दौरान 2677 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ और इसमें से 88.31 प्रतिशत अर्थात 2364 कंपनियों के शेयर नीचे आए। मात्र 10.68 प्रतिशत अर्थात 286 कंपनियों के शेयर बढे़, जबकि 27 में स्थिरता रही। सेंसेक्स से जुड़ी तीस कंपनियों में बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि नुकसान वाली पहली बीस कंपनियों के शेयरों में पाँच प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।सर्वाधिक गिरावट स्टरलाइट इंडस्ट्रीज के शेयर में 15.26 प्रतिशत अर्थात 60.40 रुपए की गिरावट आई। कंपनी का शेयर 390 रुपए पर खुला और नीचे में 330.25 रुपए तक गिरने के बाद 335.35 रुपए पर बंद हुआ। जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर में 13.57 प्रतिशत अर्थात 13.93 रुपए का नुकसान हुआ। कंपनी का शेयर 100.35 रुपए रह गया।रियलिटी कंपनी डीएलएफ के शेयर में 301.65 रुपए पर 10.33 प्रतिशत अर्थात 34.75 रुपए की गिरावट आई। रुपए में मजबूती के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की चिंता में आईटी कंपनियों के शेयर भी टूटे। सेंसेक्स में शामिल इस वर्ग की चारों बड़ी कंपनियों के शेयर औंधे मुँह नीचे आए। सर्वाधिक गिरावट विप्रो लिमिटेड के शेयर में 6.28 प्रतिशत रही। कंपनी का शेयर 21.40 रुपए गिरकर 319.60 रुपए रह गया। सत्यम कंप्यूटर ने 294.30 रुपए पर 6.17 प्रतिशत अर्थात 19.35 रुपए की डुबकी लगाई। टीसीएस 37.55 रुपए अर्थात 5.72 प्रतिशत के नुसान से 619.25 रुपए रह गया। इन्फोसिस टेक्नोलॉजीस को 1317.80 रुपए पर 73.15 रुपए का झटका लगा। टाटा स्टील, टाटा पॉवर, रिलायंस कम्युनिकेशंस, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, भेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, रैनबैक्सी लैब, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, आईटीसी और टाटा मोटर्स सेंसेक्स के नुकसान वाली पहली बीस कंपनियों के शेयर थे।सेबी ने पी-नोट्स पर से प्रतिबंध हटायारिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर गिरे |
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