बाजार नियामक सेबी ने सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा जारी किए जाने वाले भागीदारी पत्र (पी-नोट्स) को जारी किए जाने पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने का निर्णय किया है, जिससे वैश्विक वित्तीय संकट से त्रस्त बाजार को उबरने में मदद मिल सकती है।
सेबी के अध्यक्ष सीबी भावे ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद कहा कि नियामक नकद और डेरिवेटिव्स दोनों खंडों में पी-नोट्स जारी करने के संबंध लगाया गया 40 फीसदी का प्रतिबंध समाप्त कर दिया है।
वैश्विक हलचल के मद्देनजर सेबी ने विदेशी संस्थागत निवेशक के ढाँचे की व्यापक समीक्षा का भी निर्णय किया है। नियामक ने पिछले साल अक्टूबर में भारी अटकलों के बीच ये प्रतिबंध लगाए थे।
भावे ने कहा कि पी-नोट्स जारी किए जाने की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि हम अक्टूबर 2007 की स्थिति को फिर से ला रहे हैं, जब कोई प्रतिबंध नहीं था।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में कई विदेशी संस्थागत निवेशकों और सब अकाउंट ने पंजीकरण किया है और हम चाहते हैं कि यह रुख बरकरार रहे।
शॉर्ट सेलिंग के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा दूसरे बाजारों में क्या हो रहा है, हम इसकी निगरानी कर रहे हैं। हमें यह देखना होगा कि हमारे बाजार के लिए क्या सही है। उन्होंने कहा कि कोई संस्थागत शॉर्ट सेलिंग नहीं हो रही है। समस्या तब होती है जब कोई डिलीवरी नहीं होती। |