चौतरफा गिरावट की खबरों के बीच बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को 415.27 अंक गिरकर साढ़े चौदह हजार अंक से नीचे का गोता लगाते हुए 14483.93 अंक पर बंद हुआ। राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) के सूचकांक (निफ्टी) ने भी नीचे की राह पकड़ी और 95.45 अंक टूटते हुए 4352.30 अंक पर बंद हुआ।
बीएसई का सेंसेक्स कारोबार के दौरान 460 अंक टूटते हुए न्यूनतम स्तर 14438.59 अंक पर तक गया। पिछले कारोबारी दिवस में यह 14899.10 अंक पर बंद हुआ था। उधर, एनएसई में निफ्टी 118.85 अंक गिरते हुए न्यूनतम स्तर 4328.90 अंक तक गया। पिछले कारोबारी दिवस में यह 4447.75 अंक पर रहा था।
कारोबारियों का कहना है बीएसई में कारोबार दिनभर बिकवाली के दबाव में रहा। हालाँकि कारोबार के अंतिम दौर में कुछ मजबूती देखी गई। अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में हुई गिरावट का असर भी भारतीय शेयर बाजारों पर दिखा।
बीएसई के कारोबार में रियलिटी, बैंकिंग और आईटी के शेयर सर्वाधिक प्रभावित हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग तीन प्रतिशत और रैनबक्सी लेबो के शेयर लगभग नौ प्रतिशत तक लुढ़क गए। हालाँकि सरकारी तेल कंपनियों और उड्डयन क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में मजबूती रही।
बीएसई में कारोबार के दौरान 1613 कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1017 कंपनियों के शेयर लाभ में थे। इसके अलावा 86 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इस बीच बीएसई मिडकैप 1.29 प्रतिशत और स्माल कैप 0.99 प्रतिशत गिरावट में थे। बीएसई में कुल 4790 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में 5485.53 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था।
सेंसेक्स में सर्वाधिक नुकसान रैनबक्सी लैबोटरी को हुआ और उसके शेयर 8.77 प्रतिशत तक गिर गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.40 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा एचडीएफसी 5.78 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 4.33 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 4.33 प्रतिशत, लार्सन एंड ट्रूबो 2.08 प्रतिशत, एसबीआई 1.09 प्रतिशत घट गए।
डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर रहने से आईटी की कंपनियों के शेयर भारी दबाव में आ गए। इंफोसिस 4.26 प्रतिशत, विप्रो 4.88 प्रतिशत, सत्यम 3.85 प्रतिशत और टीसीएस 0.71 प्रतिशत घाटे में थे।
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