कच्चे तेल के पिघलने के साथ ही बैंकिंग, रियलटी, ऑइल एंड गैस और इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों के जोरदार समर्थन के बीच देश के शेयर बाजारों ने आज लंबी छलाँग लगाई।
बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 553 अंक उछलकर 20 दिन के अंतराल के बाद फिर 15 हजार अंक से ऊपर निकल गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 155 अंक की दौड़ से 4500 अंक से ऊपर बंद हुआ। एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट के बावजूद यहाँ शुरू से ही मजबूती का रुख रहा।
गुस्ताव तूफान की रफ्तार धीमी पड़ जाने से नुकसान कम होने की उम्मीद के चलते कच्चा तेल आज चार माह के निम्नस्तर 105.46 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया। विश्लेषक उम्मीद कर रहे हैं कि अमेरिका और चीन जैसी विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की माँग कम होने से कच्चे तेल के दाम और गिर सकते हैं।
बाजार सूत्रों के मुताबिक विदेशी संस्थान फिर से सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। इसे देखते हुए पिछले तीन कारोबारी दिवसों में यह दूसरा मौका है कि सेंसेक्स ने 500 अंक से अधिक की छलाँग लगाई है। शुक्रवार को भी सेंसेक्स 516 अंक बढ़ा था।
सेंसेक्स कल के 14498.51 अंक की तुलना में 14609.44 अंक पर खुला और नीचे में 14543.21 अंक तक गिरने के बाद लिवाली की लहर में इसकी तुलना में 563 अंक बढ़कर ऊपर में 15106.15 अंक तक जाने के बाद समाप्ति पर कुल 552.94 अंक अर्थात 3.81 प्रतिशत की छलाँग के साथ 15051.45 अंक पर बंद हुआ।
तेरह अगस्त के 15093 अंक के बाद सेंसेक्स फिर 15000 अंक से ऊपर निकला। एनएसई का निफ्टी 155.35 अंक अर्थात 3.57 प्रतिशत की बढ़त से 4504 अंक पर पहुँच गया। बीएसई के अन्य सूचकांकों में मिडकैप और स्मालकैप में क्रमश: 91.59 तथा 89.08 अंक की बढ़त रही। यह सूचकांक समाप्ति पर क्रमश: 1.60 तथा 1.29 प्रतिशत बढ़त से 5833.57 और 6980.47 अंक पर बंद हुए।
ब्याज दरों में फिलहाल और बढ़ोतरी की संभावनाएँ कम होने से बीएसई के बैंकेक्स ने 420.58 अंक की छलाँग लगाई। कैपीटल गुड्स का शेयर 442.06 अंक और रियलटी 351.36 अंक ऊपर रहा। ऑइल एंड गैस 351.52 अंक, मैटल 164.05 अंक तथा आईटी 110.17 अंक ऊँचा बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप में 1.95 प्रतिशत निफ्टी जूनियर में 3.68 प्रतिशत का उछाल आया।
विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट एक अच्छा संकेत है। देश में ईंधन की जरुरत के लिए कुल माँग का करीब 70 प्रतिशत आयात किया जाता है। कच्चे तेल के मंदा होने से देश का व्यापार घाटा कम होगा, जो पहले ही काफी बढ़ चुका है। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों के कम लागत पर उत्पाद बेचने से होने वाला नुकसान कम होगा।
सत्र के दौरान बीएसई में 2732 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ। इसमें से 61.42 प्रतिशत अर्थात 1678 कंपनियों के शेयर लाभ में रहे, जबकि 36.02 प्रतिशत अथवा 984 में नुकसान और 70 में स्थिरता रही। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में मात्र दो में घाटा हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में लाभ वाली सूची में सर्वाधिक बढ़त अग्रणी बैंक एसबीआई का शेयर 7.44 प्रतिशत अर्थात 105.35 रुपए के जोरदार उछाल के साथ 1521.35 रुपए पर बंद हुआ।
आईसीआईसीआई बैंक 713.30 रुपए पर 7.34 प्रतिशत अथवा 48.75 रुपए ऊँचा रहा। रियलटी कंपनी डीएलएफ का शेयर 529.85 रुपए पर पहुँच गया। इसमें 7.14 प्रतिशत अर्थात 35.30 रुपए की बढ़त रही।
ओएनजीसी, जयप्रकाश एसोसिएट्स, रिलायंस इन्फ्रा, मारुति सुजूकी, एचडीएफसी, एलऐंडटी, टीसीएस लिमिटेड, एसीसी, रिलायंस कम्युनीकेशंस, विप्रो लिमिटेड, भेल, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, इन्फोसिस टेक्नोलॉजीस, टाटा पावर और महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा के शेयर सेंसेक्स के फायदे वाली सूची के शेयर थे।
मासिक बिक्री में गिरावट के समाचारों के बीच अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स का शेयर 1.82 प्रतिशत अर्थात 7.95 रुपए के नुकसान से 429.85 रुपए रह गया। औषधि कंपनी रैनबैक्सी लैब के शेयर में 490.35 रुपए पर 1.89 प्रतिशत अर्थात 9.45 रुपए की गिरावट रही।
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