कच्चे तेल में फिर से बुलबुला आने और दो अगस्त को समाप्त सप्ताह के लिए महँगाई का आँकड़ा जारी होने से ठीक पहले देश के शेयर बाजार पूरी तरह मंदी की गिरफ्त में दिखे। बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 369 अंक का गोता लगाकर आठ दिन बाद फिर से 15000 हजार अंक से नीचे उतर आया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने 98 अंक की डुबकी लगाई।
अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार की तीव्र गिरावट को देखते हुए यहाँ सत्र की शुरुआत से ही बाजार मंदी के दबाव में थे और उससे उबर पाने में सफल नहीं हो पाए। हालाँकि सरकार की तरफ से गुरुवार को छठे वेतन आयोग की घोषणा कर दी गई, लेकिन यह खबर भी बाजार को प्रोत्साहित नहीं कर सकी। पूरे सत्र के दौरान शेयर बाजारों में मुनाफावसूली का दबाव देखा गया।
रियलिटी, बैंकिग, कैपिटल गुड्स, ऑइल एंड गैस और ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयर दबाव में देखे गए। डॉलर के मुकाबले रुपए के फिर से कमजोर पड़ने से आईटी कंपनियों के शेयरों ने कुछ राहत महसूस की। अमेरिका में गैसोलीन भंडार के आँकड़े उम्मीद से कम आने से कच्चा तेल फिर से बुलबुला मारने लगा। इसके भाव 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहे। मंगलवार के कामकाज में यह करीब 113 डॉलर तक गिर गया था।
सेंसेक्स सत्र की शुरुआत में कल के 15093.12 अंक की तुलना में 15017.68 अंक पर नीचा खुला और इसकी तुलना में करीब 16 अंक ऊपर उठकर ऊँचे में 15033.28 अंक तक चढ़ा। फिर निरंतर बिकवाली के दबाव में रहा और 14686.66 अंक तक टूटने के बाद समाप्ति पर कुल 368.94 अंक अर्थात 2.44 प्रतिशत के नुकसान से 14724.18 अंक पर बंद हुआ।
पिछले सप्ताह बुधवार को सेंसेक्स 46 दिन के बाद 15000 हजार अंक से ऊपर निकला था। बीएसई के अन्य सूचकांकों में बैंकेक्स को 368.44 अंक अथवा 5.07 अंक का झटका लगा तो रियलिटी ने 447.30 अंक अर्थात 7.07 अंक का गोता लगाया। कैपिटल गुड्स सूचकांक में 468.22 अंक निकले। आईटी सूचकांक 83 अंक बढ़ गया। हैल्थकेयर और टैक वर्ग के सूचकांक भी ऊँचे रहे। मिडकैप और स्मालकैप सूचकांकों में क्रमशः 119.33 तथा 198.83 अंक की गिरावट दर्ज की गई।
एनएसई का निफ्टी 2.17 प्रतिशत अर्थात 98.35 अंक के नुकसान से 4430.70 अंक पर बंद हुआ। इसके मिडकैप और जूनियर में क्रमशः 2.30 तथा 3.58 प्रतिशत का घाटा हुआ। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख दिखा। हांगकांग का हैंगसैंग आधा प्रतिशत बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई और चीन का शंघाई कम्पोजिट नीचे आए। यूरोपीय बाजार कारोबार की शुरुआत में कुछ मजबूत नजर आए।
बीएसई में बिकवाली का असर साफ दिखा। सत्र में 2730 कंपनियों के शेयरों में कामकाज हुआ और इसमें से 67.73 प्रतिशत अर्थात 1849 कंपनियों के शेयर घाटे और 811 अथवा 29.71 प्रतिशत के लाभ में बंद हुए। मात्र 70 कंपनियों के शेयरों में कोई उठापटक नहीं थी। सेंसेक्स की तीस कंपनियों के शेयर लाभ और 23 के घाटे में रहे।
अचल संपत्ति कारोबार क्षेत्र में मंदे की चर्चाओं के बीच इस वर्ग की अग्रणी डीएलएफ का शेयर 8.66 प्रतिशत अर्थात 47.50 रुपए की गिरावट से 501.10 रुपए का रह गया। जयप्रकाश एसोसिएट्स को 172.30 रुपए पर 7.74 प्रतिशत अथवा 14.45 रुपए का झटका लगा।
बैंकिंग वर्ग के शेयरों में खासी बिकवाली देखी गई। ब्याज दरों के बढ़ने का असर बताया गया। एसबीआई का शेयर 6.24 प्रतिशत अर्थात 97.05 रुपए के नुकसान से 1458.20 रुपए रह गया। आवास ऋण वर्ग की अग्रणी एचडीएफसी के शेयर में 2288.35 रुपए पर 5.21 अर्थात 135.30 रुपए निकल गए। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 673.25 रुपए पर 5.25 अर्थात 37.30 रुपए नुकसान में रहा।
एलएंडटी, भेल, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एचडीएफसी, मारुति सुजुकी, एसीसी लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, हिन्दुस्तान यूनीलीवर, आईटीसी लिमिटेड, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, ओएनजीसी और विप्रो के शेयर सेंसेक्स की नुकसान वाली पहली बीस कंपनियों के शेयर थे।
फायदे वाली सूची में सूचना प्रौद्योगिकी वर्ग की दूसरी बड़ी इन्फोसिस टेक्नोलॉजी के शेयर ने सर्वाधिक 3.95 प्रतिशत की छलाँग लगाई। कंपनी का शेयर 64.25 रुपए बढ़कर 1689.45 रुपए पर पहुँच गया। टाटा पॉवर, सत्यम कम्प्यूटर, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज. टाटा टेली, टीसीएस लिमिटेड और रैनबैक्सी लैबोरेटरीज के शेयरों में भी लाभ दर्ज किया गया।
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