भारत आज हजार अरब डॉलर के शेयर बाजारों की जमात से बाहर निकल गया क्योंकि देश की सभी सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूँजीकरण का कुल योग 966 अरब डॉलर रह गया।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक सेंसेक्स में आज 500 अंकों की गिरावट दर्ज हुई। सभी सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों का कुल बाजार पूँजीकरण करीब एक साल पहले 28 मई 2007 को एक हजार डॉलर के स्तर को पार कर गया था और इस साल जनवरी में यह बढ़कर 1900 अरब डालर हो गया।
हालाँकि 10 जनवरी 2008 को 21206.77 के उच्चतम स्तर पर पहुँचने के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट आई और साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में गिरावट, जिससे कुल बाजार पूँजीकरण 1000 अरब डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। सेंसेक्स में आज हुई 500 अंकों की गिरावट से पहले भारतीय शेयर बाजार को कुल बाजार पूँजीकरण 1010 अरब डॉलर था।
पहली बार 28 मई 2007 को जब भारतीय शेयर बाजार के पूँजीकरण ने 1000 अरब डॉलर का स्तर पार किया था तो रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 40.5 रुपए के स्तर पर था, जिसके बाद इसमें भारी गिरावट आई। रुपया आज डॉलर के मुकाबले 43.44 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
रुपए के लिहाज से भारतीय शेयर बाजार का पूँजीकरण 40 लाख 50 हजार करोड़ रूपए का था, जिससे इसका मूल्यांकन हजार अरब डॉलर हुआ था।
आज के कारोबार के आखिर में देश की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूँजीकरण 41 लाख 97 हजार करोड़ (966 अरब डॉलर) हुआ, जो कल के स्तर से करीब 2 लाख करोड़ रुपए (करीब 45 अरब डॉलर) कम है।
सेंसेक्स के तीन बड़े शेयरों के ही संचयी बाजार पूँजीकरण में 80 000 करोड़ रूपए तक की गिरावट हुई। सेंसेक्स आज 13 हजार के स्तर से नीचे गिर गया। छह महीने पहले के उच्चतम स्तर से सेंसेक्स में 8000 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज हुई।
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