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शेयर सूचकांक 13 हजार के नीचे  Search similar articles
कच्चे तेल के उफान, महँगाई की चिंता और राजनीतिक अनिश्चितता के साथ ही विदेशों के मंदे समाचार के बीच देश के शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिवस में भारी गिरावट दर्ज की गई।

बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 500 अंक का गोता लगाकर 15 माह के अंतराल के बाद 13 हजार अंक से नीचे उतरकर 12961.68 अंक रह गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी ने 141 अंक की डुबकी लगाई और यह 4000 अंक से नीचे पहुँच गया।

परमाणु मुद्दे को लेकर सरकार और वाम दलों के बीच चल रही तकरार से राजनीतिक अनिश्चितता उत्पन्न है। कच्चा तेल छलाँग मार रहा है और महँगाई की चिंता निरंतर सता रही है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार को राहत देने के लिए फिलहाल कोई सकारात्मक खबर नहीं आ रही है।

कारोबार की शुरुआत में हालाँकि की सेंसेक्स सोमवार के 13461.60 अंक की तुलना में मामूली मजबूत 13480.02 अंक पर खुला और लिवाली का समर्थन पाने के बाद ऊँचे में 13613.82 अंक तक चढ़ा और फिर चौतरफा बिकवाली के दबाव में इसके मुकाबले सात से अधिक अंक टूटकर नीचे में 12904.09 अंक तक गिरने के बाद समाप्ति पर कुल 499.92 अंक अर्थात 3.71 प्रतिशत के नुकसान से 12961.68 अंक रह गया। सेंसेक्स का यह स्तर पिछले साल पाँच अप्रैल के 12856.08 के बाद का न्यूतनम है।

एनएसई का निफ्टी सत्र के शुरू में सोमवार के 4040.55 अंक की तुलना में 4039.75 अंक पर मामूली नीचा खुला और सत्र में ऊपर में 4075.40 तथा नीचे में 3878.20 अंक तक लुढ़कने के बाद समाप्ति पर कुल 143.80 अंक अर्थात 3.56 प्रतिशत के नुकसान से 3896.75 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई का किसी वर्ग का सूचकांक बिकवाली के दबाव से बच नहीं पाया। सबसे अधिक 713.11 अंक का नुकसान धातु सूचकांक में रहा। कैपीटल गुड्स, बैंकेक्स और रियलटी के सूचकांक प्रत्येक तीन सौ अंक से अधिक टूटे। ऑयल एंड गैस सूचकांक में 275.44 अंक निकले। मिडकैप और स्मालकैप क्रमश: 244.62 तथा 316.65 अंक गिरे। एनएसई का मिडकैप 5.57 प्रतिशत और निफ्टी जूनियर 5.08 प्रतिशत नीचे आए।

एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 3.1 प्रतिशत गिरा। जापान के निक्केई में 0.1 प्रतिशत का नुकसान हुआ। विश्व के अन्य प्रमुख शेयर बाजार भी मंदे के दबाव में थे।

बीएसई में सत्र के दौरान कुल 2724 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें से 82.86 प्रतिशत अर्थात 2257 कंपनियों के शेयर टूटे और 15.38 प्रतिशत अथवा 419 में फायदा रहा। मात्र 48 कंपनियों के शेयर स्थिर रहे।

सेंसेक्स की तीस कंपनियों में केवल एक कंपनी एनटीपीसी का शेयर बिकवाली की मार से बच सका। इसमें 153.20 रुपए पर 1.02 प्रतिशत अर्थात 1.55 रुपए का लाभ दर्ज किया गया।

सर्वाधिक नुकसान रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर में 10.54 प्रतिशत का रहा। कंपनी का शेयर 82.75 रुपए टूटकर 688 रुपए का रह गया। रिलायंस कम्युनीकेशंस के शेयर में 392 रुपए पर 46.40 रुपए अर्थात 10.49 प्रतिशत की गिरावट रही। डीएलएफ का शेयर 7.02 प्रतिशत अर्थात 27.80 रुपए गिरकर 361 रुपए रह गया।

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, मारुति सुजूकी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, जयप्रकाश एसोसिएट्स, हिंडाल्को, विप्रो, अम्बूजा सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, हिन्दुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड, एसीसी, रैनबैक्सी और ओएनजीसी के शेयर सेंसेक्स के नुकसान वाले पहले बीस शेयरों में शामिल थे। इनमें तीन प्रतिशत और इससे अधिक का घाटा हुआ।
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