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विश्व रैंकिंग में भारतीय कंपनियों को झटका  Search similar articles
शेयर बाजार में आए तूफान से भारतीय कंपनियों की वैश्विक रैंकिंग को झटका लगा है। ब्रिटेन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा तैयार विश्व की 500 सर्वाधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों की सूची में मौजूद 14 कंपनियों ने साल के पहले तीन महीनों में करीब 150 अरब गँवाए हैं।

ताजा सूची में दर्ज 14 में 13 कंपनियों की रैंकिंग में गिरावट आई है, लेकिन चार कंपनियाँ- मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलांयस पेट्रोलियम, सरकारी कंपनी इंडियन ऑइल कार्पोरेशन, रियल्टी कंपनी यूनिटे और आवासीय ऋण देने वाली प्रमुख कंपनी एचडीएफसी इस सूची से बाहर हो गई हैं।

तंबाकू के उत्पाद बनाने वाली प्रमुख कंपनी आईटीसी को छोड़कर इस सूची में मौजूद सभी 12 कंपनियों ने ताजा एफटी ग्लोबल 500 की सूची में अपने स्थान गँवाया है, जिसमें आरआईएल, ओएनजीसी, एनटीपीसी, एसबीआई, भारती एयरटेल, डीएलएफ और रिलायंस कम्युनिकेशंस शामिल हैं।

इस सूची में सर्वश्रेष्ठ स्थान अमेरिका की प्रमुख ऊर्जा कंपनी एक्जान मोबिल को मिला है, जिसका बाजार पूँजीकरण 452. 5 अरब डॉलर है।

अखबार हर तिमाही के अंत में बाजार पूँजीकरण के लिहाज से कंपनियों की सूची प्रकाशित करता है और ताजा सूची मार्च अंत के आँकड़ों के आधार पर प्रकाशित की गई है। पिछली सूची दिसंबर 2007 के बाजारी पूँजीकरण के आँकड़ों के आधार पर जारी की गई थी।

पिछले साल दिसंबर से उक्त 14 कंपनियों ने करीब 150 अरब डॉलर गँवाए हैं और फिलहाल इनका बाजार पूँजीकरण 440 अरब डॉलर है। पिछली सूची में 17 कंपनियाँ शामिल थीं, जिसका कुल बाजार पूँजीकरण करीब 590 अरब डॉलर था।

वैश्विक सूची में एक्जान मोबिल ने चीन की पेट्रोचायना को पीछे छोड़कर सर्वाधिक मूल्यांकन वाली कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया है, जबकि अमेरिकी औद्योगिक समूह जीई ने अपना तीसरा स्थान बरकरार रखा है। सूची में दर्ज प्रमुख 10 कंपनियों में गैजप्राम, चायना मोबाइल, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चायना, माइक्रोसॉफ्ट, एटीएंडटी, रॉयल डच शेल और पीएंडजी शामिल हैं।

अन्य भारतीय कंपनियों में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 82 अरब डॉलर के साथ 15 पायदान फिसलकर 80वें स्थान पर है, जो पिछली बार 65वें स्थान पर थी।

आरआईएल के बाद ओएनजीसी 115वें स्थान से फिसलकर 148वें स्थान पर, सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी 163वें स्थान से फिसलकर 206वें स्थान पर, सुनील मित्तल के नेतृत्वाली भारती एयरटेल 193वें स्थान से गिरकर 218वें, प्रमुख रियल्टी कंपनी 195वें स्थान से फिसलकर 329वें स्थान और अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस 252वें स्थान से गिरकर 350वें स्थान पर पहुँच गई है।

हालाँकि आईटीसी छह स्थान छलाँग कर 19.38 अरब डॉलर के बाजार पूँजीकरण के साथ 484वें स्थान पर आ गई है। देशों की रैंकिंग के लिहाज से भारत 15वें स्थान पर है। अमेरिका 169 कंपनियों के साथ पहले स्थान पर है, जिसके बाद ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और जापान का स्थान है।
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