बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सेंसेक्स मुद्रास्फीतिक चिंता के बीच भारी बिकवाली के कारण 187 अंक गिरकर बंद हुआ।
सेंसेक्स ने मंगलवार को कारोबार के दौरान पिछले साल अगस्त के बाद पहली बार 14000 से नीचे का स्तर छुआ। इधर पचास शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब दो फीसदी की गिरावट के साथ 4200 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।
तीस शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 186.74 अंक या 1.31 फीसदी लुढ़ककर 14106.58 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले पाँच कारोबारी सत्रों के दौरान कुल 1590.32 अंकों या 10.13 फीसदी की गिरावट दर्ज करने वाला सेंसेक्स आज 14432.90 और 13991.31 के बीच घूमता रहा।
इसी तरह निफ्टी भी पिछले बंद के मुकाबले आज 75.30 अंक या 1.76 फीसदी गिरकर 4191.10 के स्तर पर बंद हुआ। घातु कंपनियों के शेयरों ने सबसे अधिक गिरावट दर्ज कर की। धातु सूचकांक ने आज अन्य सूचकांकों के मुकाबले सबसे अधिक 3.52 फीसदी की गिरावट दर्ज की।
सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम सबने बिकवाली का दबाव झेला और दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की। सेंसेक्स के समूह का सबसे अधिक प्रभावित शेयर हिंदुस्तान यूनीलीवर रहा, जिसने 5.32 फीसदी की गिरावट दर्ज की। इसके बाद टाटा स्टील का स्थान रहा जिसने 4.60 फीसदी की गिरावट दर्ज की। इनके अलावा एलएंडटी, ओएनजीसी, एनटीपीसी जैसे अन्य बड़े शेयर भी भारी बिकवाली के दबाव में रहे और इन्होंने तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की।
प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी ने हालाँकि बिकवाली के रुख के खिलाफ 2.32 फीसदी की बढ़त दर्ज की जबकि रैनबैक्सी लैब्स ने भी 2.31 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की। जयप्रकाश एसोसिएट्स भेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने एक से दो फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की।
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