दुनिया भर के शेयर बाजारों में आई गिरावट के 3 महीने बाद अब कंपनियाँ फिर से विलय और अधिग्रहण (मर्जर एंड इक्विजिशन) जैसी गतिविधियों की ओर लौट रही हैं।
किंतु प्राइवेट इक्विटी यानी पीई सौदों का बाजार अभी ठंडा ही पड़ा हुआ है। मई के आँकड़ों के मुताबिक एमएंडए सौदों में साल 2007 की इसी अवधि के मुकाबले इजाफा हुआ है, लेकिन पीई सौदों पर मंदी का साया बरकरार दिखाई दे रहा है।
इस साल मई में पीई सौदे पिछले 3 साल के सबसे निम्न स्तर पर रहे हैं। इस साल जनवरी में पीई सौदे 3 सालों में सबसे ज्यादा 60 रहे थे। मई में विलय और अधिग्रहण के 48 सौदे हुए। इनका औसत आकार 5.1 करोड़ डॉलर रहा है। इनमें से 25 सौदे विदेशी कंपनियों के साथ हुए हैं।
इनमें से 17 आउटबाउंड सौदे रहे, जिनकी कीमत 1.58 अरब डॉलर रही है और 8 इनबाउंड सौदे रहे हैं। इनकी कीमत 6.3 करोड़ डॉलर रही है। 23 घरेलू सौदों की कीमत तकरीबन 2.4 करोड़ डॉलर रही है। पिछले 5 महीनों में विलय और अधिग्रहण की गतिविधियाँ सबसे ज्यादा मई के महीने में ही देखी गई है।
एमएंडए सौदों की संख्या के लिहाज से मई का नंबर इस साल जनवरी के बाद दूसरा है। जनवरी में इस तरह के 56 सौदे हुए थे। इस साल के शुरुआती 5 महीनों में एमएंडए के कुल 214 सौदे हुए। इनकी कीमत तकरीबन 13.19 अरब डॉलर रही है। हाल ही में एक विदेशी अधिग्रहण सौदे का ऐलान करने वाली कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी ने कहा कि कंपनियाँ खरीदने के लिए यह सबसे अच्छा वक्त है।
इसकी वजह यह है कि मौजूदा वक्त में कंपनियों की वैल्यूएशन काफी उपयुक्त चल रही है। हालाँकि बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव से कंपनियों की वैल्यूएशन पर फर्क पड़ा है। इस वजह से कंपनियाँ पीई सौदे करने से पीछे हट रही हैं। इस पूरे माहौल का असर मई महीने के पीई सौदों पर पड़ा है। मई महीने में होने वाले पीई सौदों की संख्या केवल 14 रही है। इतने कम सौदे केवल साल 2005 की मई ही रहे थे।
वास्तव में पीई सौदों की संख्या में इस साल के मार्च महीने से ही गिरावट आ रही है। ग्रांट थोरटन के हरीश एचवी कहते हैं कि इस वक्त तमाम पीई कंपनियाँ बाजार में हैं। लेकिन वे कंपनियों की वैल्यूएशन को देखते हुए सौदे करने में ज्यादा वक्त ले रही हैं। पीई सौदों की संख्या कम होने के बावजूद कुछ सौदों के आकार काफी बड़े रहे हैं। मसलन प्रोवर्डिस ने 6.4 करोड़ डॉलर में आदित्य बिड़ला टेलीकॉम में हिस्सेदारी खरीदी है।
इसके अलावा सफिनी कैटपिल ने डीएलएफ असेट्स में 4.5 करोड़ डॉलर और गोल्डमैन सेश ने एमएंडएम में 1.75 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। टेलीकॉम, फार्मा, मीडिया, ऑटो, रियल्टी व आईटी सेक्टर इस दौरान पीई सौदों को खींचने में ज्यादा सफल रहे हैं। साल के शुरुआती 5 महीनों में 6.39 अरब डॉलर के कुल 170 पीई सौदे किए गए हैं। (नईदुनिया)
|